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Balod News: 5वीं में तय हुई शादी, फिर भी जारी रखी पढ़ाई… आज 65 हजार महिलाओं की आवाज हैं शमशाद, जानें संघर्षगाथा

Shamshad Begum: घूंघट में रहकर पढ़ाई के लिए संघर्ष करने वाली शमशाद बेगम ने अपनी जिंदगी की चुनौतियों को सामाजिक बदलाव की मुहिम में बदल दिया। पांचवीं में शादी तय होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आज 65 हजार से अधिक महिलाओं को जागरूकता व आत्मनिर्भरता की राह से जोड़ रही हैं।
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Chhattisgarh News

65 हजार महिलाओं की आवाज हैं शमशाद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

बालोद@सतीश रजक। Shamshad Begum Padma Shri: कभी घूंघट में रहकर किताबें पढ़ने के लिए संघर्ष करने वाली शमशाद बेगम आज 65 हजार से अधिक महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक बदलाव की आवाज बन चुकी हैं। 65 साल की शमशाद बेगम जनकल्याण समिति के माध्यम से बाल विवाह रोकने, गरीब और आदिवासी बेटियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और युवाओं को नशे से दूर करने के लिए काम कर रही हैं। उनके सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें नारी शक्ति सम्मान, जानकी देवी बजाज पुरस्कार और 2025 का कौशल पुत्री सम्मान समेत कई सम्मान मिल चुके हैं।

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