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सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पार्सल में ड्रग बताया, डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख ठगने वाला गिरफ्तार

पुलिस, इडी, सीबीआइ की धमकी देकर लोगों के बैंक खातों में जमा पैसा लूटने वाले साइबर ठगों का गुर्गा दो साल बादबिहार से राज्य साइबर सेल के हाथ आया है। गैंग ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को नशा कारोबार में शामिल बताकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर उसके बैंक खातों में जमा 30 लाख रुपया ऐंठा था। ठगी […]

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बिहार से पकड़ा साइबर ठगों का दलाल

डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख ठगने वाला गिरफ्तार

पुलिस, इडी, सीबीआइ की धमकी देकर लोगों के बैंक खातों में जमा पैसा लूटने वाले साइबर ठगों का गुर्गा दो साल बादबिहार से राज्य साइबर सेल के हाथ आया है। गैंग ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को नशा कारोबार में शामिल बताकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर उसके बैंक खातों में जमा 30 लाख रुपया ऐंठा था। ठगी की रकम में 19 लाख रुपया बिहार में ठगों के एजेंट के खाते में पहुंचा था। उसे ट्रैक कर राउंडअप किया है।
शिवपुरी लिंक रोड निवासी हर्षित द्विवेदी को साइबर ठगों ने 22 जून 2024 को फेडेक्स कंपनी और नारकोटिक्स डिपार्टमेंट मुंबई का कर्मचारी बनकर ठगा है। हर्षित बैंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। छुटटी पर घर आए थे। उस दौरान उन्हें वीडियो कॉल आया था। फोन करने वाले ने फेडेक्स कंपनी का कर्मचारी बनकर बोला उनके नाम से पार्सल आया है उसमें ड्रग्स निकला है। इस जुर्म उन्हें जेल जाना पड़ेगा फिर उसने नारकोटिक्स विभाग मुंबई ब्रांच के अधिकारियों से बात कराने के लिए कॉल ट्रांसफर किया। हर्षित से कहा गया विभाग उनकी जांच करेगा इसलिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। उन्हें हर वक्त कैमरे की निगरानी में रखा। धमकाया गया कि अगर नजर से गायब हुए तो पुलिस आकर उन्हें गिरफ्तार करेगी।

धमकी देकर बैंक खातों का ब्यौरा, पैसा ऐंठा

हर्षित ने शिकायत में बताया, नारकोटिक्स अधिकारी बनकर कॉल करने वालों ने उनके बैंक खातों और संपति का ब्यौरा लिया। उनके बैंक खातों में जमा 30 लाख 25 हजार 719 रुपए ठगों ने अपने खातों में ट्रांसफर कराए लगातार यह भरोसा दिलाया उनके पैसों की जांच होगी। नशा करोबार से उनका लेना देना नहीं निकला तो पूरा पैसा वापस होगा।
बिहार से पकड़ा साइबर 11 जिलों में वांटेड
राज्य साइबर सेल डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया, हर्षित से ठगी रकम में 19 लाख रुपया बक्सर विहार निवासी दीपक कुमार पुत्र तेजप्रताप के खाते में गया था। उसे ट्रैक कर राउंडअप किया। पूछताछ में दीपक ने बताया, साइबर ठगों के लिए म्यूल खातों का इंतजाम करता है। हर्षित के अलावा कई लोगों को इसी तर्ज पर ठगा है और उनसे ठगी रकम को उसने यासिर (तिरुपति आंध्रप्रदेश) , बेलगावी (कनार्टक), मुंबई (महाराष्ट्र), थाणे सिटी (महराष्ट्र), बेरहमपुर (उडीसा), चंदौली (यूपी) , द्वारिका (दिल्ली), अहमदाबाद सिटी और अहमदाबाद ग्र्रामीण के लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। इन जिलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं।

ज्वाइंट ऑपरेशन में दबोचा

डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया दीपक का पता ठिकाना सामने आने पर बक्सर, बिहार में उसकी तलाश में दबिश दी लेकिन हर्षित घर से गायब मिला। सात दिन तक टीम उसकी तलाश में बिहार में डेरा जमाए रही। तमाम मशक्कत के बाद पटना में उसकी लोकेशन मिली तब बिहार पुलिस के साथ ज्वाइंट आपरेशन में उसे राउंडअप किया।