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ब्रेन हेमरेज के केस बढ़े, हर दिन भर्ती हो रहे 30 मरीज, आप भी रहें अलर्ट

brain hemorrhage- शीतलहर के कारण ब्रेन हेमरेज के मरीज बढ़ गए...। आप भी रहें सतर्क...।

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शीतलहर के कारण हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़े...।

ग्वालियर। सर्दी का सितम अब लोगों को लिए घातक साबित हो रहा है। तेज सर्दी से अब ब्रेन हेमरेज और सांस के रोगी ज्यादा सामने आ रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि जेएएच के न्यूरोलॉजी विभाग के के साथ निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हर दिन जेएएच में 10 से 12 मरीज ब्रेन हेमरेज(brain hemorrhage) के पहुंच रहे हैं।

पिछले चार दिनों से हालत यह हैं कि हर दिन भर्ती होने वाले मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। इसके चलते अब पलंग भी कम पड़ने लगे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी 15 से ज्यादा लगभग हर दिन भर्ती हो रहे हैं। ब्रेन हेमरेज की समस्या ठंड के मौसम बढ़ जाती है, जिसमें धमनियां सिकुड जाती हैं और खून गाढ़ा होने लगता है। इसलिए खून का थक्का जमने से ब्रेन हेमरेज व हृदयघात होने की आशंका बढ़ जाती है।

यह बीमारी बुजुर्गों में ज्यादा होती है, लेकिन अब कम उम्र में भी यह समस्या आ रही है। इसमें कई बार खून का थक्का जम जाने से अचानक बीपी हाई हो जाता है। दिमाग की नसें फट जाती हैं। समय से इलाज न मिलने से मरीज कोमा में जा सकता है। ऐसा होने पर दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो ती है और ब्लड की आपूर्ति नहीं हो पाती है। जिसके चलते मरीज को लकवा मार जाता है। ब्रेन हेमरेज के चलते इन दिनों हर दिन चार से ज्यादा मौत हो रही है।

यह है लक्षण

स्ट्रोक (brain stroke) होने के पूर्व चेहरा, हाथ पैर अचानक से सुन्न हो जाते हैं। बोलने या समझने में परेशानी होने लगती है। एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी होने लगती है। शरीर संतुलन में नहीं रहता है।

30 से ज्यादा मरीज भर्ती

जेएएच में सबसे ज्यादा ब्रेन के मरीज पहुंच रहे हैं। यहां तीन दिन में करीब 20 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। न्यूरोलॉजी में 25 पलंग है। इस पर मरीजों की संख्या इन मरीजों की संख्या 30 से ज्यादा है। इसके चलते कुछ मरीजों को जमीन पर भी इलाज दिया जा रहा है। वहीं कई मरीजों की लगभग हर दिन छुट्टी भी कर दी जाती है।

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ठंड से बचाव जरूरी

ठंड बढ़ते ही ब्रेन के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचने पर बचाया जा सकता है। इस सीजन में ठंड से बचाव काफी जरूरी है। वहीं खान- पान का भी ख्याल रखना चाहिए।

डॉ. अरविंद गुप्ता, न्यूरोलाजी, जीआरएमसी


बीपी के मरीज क्या करें

ठंड के मौसम में सुबह बाहर नहीं निकलें।
गर्म कपड़े पहने रहें।
ज्यादातर धूप में रहें।
ठंड पानी नहीं पीएं।
गुनगुने पानी से स्नान करें।
डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं खाएं।

यह रखें सावधानी

तेल का पदार्थ नहीं खाएं।
नमक की मात्रा 5 ग्राम से भी कम खाएं।
ज्यादा वजन है तो कम करें।