
सर्दी के बढ़ते ही ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में भी तेजी आने लगी है। स्ट्रोक एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर है। मगर स्ट्रोक के बाद के पहले कुछ घंटे मरीज के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अगर स्ट्रोक के मरीज को गोल्डन आवर में अनुभवी डॉक्टर से इलाज मिल जाता है तो उसके रिकवरी के अवसर काफी बढ़ जाते हैं। बता दें कि करीब 25 प्रतिशत केस में स्ट्रोक जानलेवा सिद्ध होता है। ये बात आरजेएन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आभास कुमार ने कही। सर्दी में बढ़ते हुए स्ट्रोक के मामलों को लेकर डॉ. आभास ने बातचीत में बताया कि स्ट्रोक के लक्षणों को सही समय पर पहचानना ही इसका सबसे कारगर इलाज है। वैसे ब्रेन स्ट्रोक का आसान इलाज अब ग्वालियर में उपलब्ध है।
● सवाल : स्ट्रोक क्या है ?
● जवाब : मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह में रुकावट से स्ट्रोक का जन्म होता है। इसके दो मुख्य कारण होते हैं। पहला जिसमें रक्त का थक्का रक्त वाहिका को बंद कर सकता है। दूसरा हेमरेज, जिसमें रक्त वाहिका फट जाती हैं। दिमाग के जिस भाग में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है वहां की कोशिकाएं मरने लगती हैं।
● सवाल: स्ट्रोक के लक्षणों को कैसे समझा जाए
● जवाब: एक तरफ के चेहरे और हाथ-पैर का सुन्न होना, उनमें कमजोरी चेहरे के भाव पर और अंगों पर नियंत्रण नहीं रहना, बोली अस्पष्ट होना, बोल न पाना, दूसरों को समझ न पाना, एक या दोनों आंखों से देखने में दिक्कत आना, शरीर का संतुलन बिगड़ना, चल-फिर न पाना, बिना किसी स्पष्ट कारण के तीव्र सिर-दर्द होना। अक्सर लोग इन लक्षणों को समय से नहीं पहचान पाते और डॉक्टर के पास जाने में देरी हो जाती है।
● सवाल : स्ट्रोक में तुरंत इलाज क्यों है जरूरी
● जवाब : स्ट्रोक के शुरुआती घंटे गोल्डन आवर में इलाज मिलने से मरीज के रिकवर होने के चांस ज्यादा होते हैं। इलाज में जितनी देर, व्यक्ति की स्थिति उतनी ही बिगड़ती जाएगी। सही समय पर लक्षणों को पहचान कर अनुभवी डॉक्टर से सलाह एवं इलाज लेने पर मरीज को स्ट्रोक के बाद आने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
● सवाल : स्ट्रोक से बचने के क्या उपाय हैं, क्या इससे बचा जा सकता है
● जवाब : स्ट्रोक होने के बाद व्यक्ति को दोबारा स्ट्रोक होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है । स्ट्रोक की संभावना कम करने के लिए जरूरी है कि मरीज उपयुक्त दवा लें और उचित जीवन-शैली के बदलाव अपनाएं। उच्च रक्त-चाप (हाइपरटेंशन, हाई बीपी) और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें। डायबिटीज से बचें, या उस पर नियंत्रण रखें। वजन नियंत्रित रखना, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, तम्बाकू सेवन और धूम्रपान बंद करना, तनाव कम करना, और मद्यपान कम करना बेहद जरूरी है। डॉक्टर से समय समय पर सलाह लेकर स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है।
Updated on:
15 Jan 2024 03:33 pm
Published on:
15 Jan 2024 03:29 pm
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