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बस ऑपरेटर: 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, 3200 बसों के पहिए थमने की आशंका

ग्वालियर-चंबल संभाग बस ऑपरेटर संगठन ने ऐलान किया है कि यदि शासन ने आदेश वापस नहीं लिया तो 2 मार्च से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

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नए नोटिफिकेशन के खिलाफ बस ऑपरेटरों ने खुला विरोध दर्ज कराया है

पत्रकार वार्ता में जानकारी देते यूनियन के पदाधिकारी

ग्वालियर. Madhya Pradesh Transport Department द्वारा जारी स्टेट कैरिज बस संचालन संबंधी नए नोटिफिकेशन के खिलाफ बस ऑपरेटरों ने खुला विरोध दर्ज कराया है। ग्वालियर-चंबल संभाग बस ऑपरेटर संगठन ने ऐलान किया है कि यदि शासन ने आदेश वापस नहीं लिया तो 2 मार्च से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

क्या है विवाद?

संगठन के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह तोमर और महामंत्री पदम गुप्ता ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया कि नए आदेश के तहत प्रत्येक संभाग में बसों का संचालन एक ही कंपनी या समूह के अंतर्गत करने का प्रावधान किया गया है। उनका आरोप है कि इससे छोटे और मध्यम बस ऑपरेटर बाजार से बाहर हो जाएंगे और परिवहन व्यवस्था पर बड़े समूहों का एकाधिकार स्थापित हो जाएगा।

बस ऑपरेटरों का कहना है कि यह व्यवस्था प्रतिस्पर्धा को समाप्त कर देगी और निजी ऑपरेटरों की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।


किराया बढ़ने की आशंका

संगठन के अनुसार वर्तमान में यात्रियों से औसतन 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर किराया लिया जाता है। नई नीति लागू होने पर यह बढ़कर लगभग 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर तक पहुंच सकता है। ऑपरेटरों का दावा है कि यदि प्रतिस्पर्धा खत्म हुई तो किराए नियंत्रित नहीं रहेंगे और आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा। खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी होगी।


3200 बसों पर असर, ग्वालियर-चंबल में 1580 बसें प्रभावित

संगठन के पदाधिकारी बलवीर सिंह तोमर के अनुसार, यदि हड़ताल लागू होती है तो ग्वालियर-चंबल संभाग की करीब 1580 बसें और प्रदेशभर में लगभग 3200 बसों के पहिए थम सकते हैं। होली का त्योहार नजदीक होने के कारण यह हड़ताल यात्रियों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बस ही एकमात्र सार्वजनिक परिवहन साधन है। ऐसे में त्योहार पर घर पहुंचना न केवल मुश्किल बल्कि महंगा भी हो सकता है।