कनाडा वाली मैडम की जो 63 बीघा जमीन है, देखा जाए तो वह नहर से इधर ही होकर शहर सीमा में है। लेकिन नगरीय सीमा का विस्तार अब तक नहीं हुआ है, लिहाजा नगर पालिका की सीमाएं इस जमीन से ठीक पहले उसी तरह से खत्म हो जाती हैं, जिस तरह से कलेक्ट्रेट है तो शहर में, लेकिन नगर पालिका की सीमा में न आकर बगवाज पंचायत में आती है। अब ऐसे में कलेक्ट्रेट क्षेत्र की जमीनों को भी ग्रामीण क्षेत्र में करार देकर करोड़ों रुपए के रजिस्ट्री शुल्क को लाखों में करके शासन को खूब चपत लगाई जा सकती है।