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सावधान: बाइक साइलेंसर की आवाज बढ़ा रही सिरदर्द, आपको भी हो सकता है बहरापन !

ग्वालियर। कानफोड़ू पटाखे की आवाज निकालने वाली बाइक के कारण लोग परेशान हैं। कुछ युवा बुलेट वाहन में रेट्रो साइलेंसर लगवा कर धड़ल्ले से सड़क पर दौड़ रहे हैं, लेकिन कोई धरपकड़ नहीं हो रही।

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Headache

आरटीओ के नियम कहीं तेज आवाज में टूट रहे हैं तो कहीं मॉडिफाइड वाहन आराम से सड़कों पर चल रहे हैं। शहर में दौड़ रही बुलेट बाइक में अवैध रूप से रेट्रो साइलेंसर लगाए जा रहे हैं। इनसे पटाखा या बंदूक की गोली चलने जैसी आवाज निकलती हैं। बीच सड़क पर युवा तेजी से गाड़ी दौड़ाते हुए यह आवाज निकालते हैं। ऐसे में हादसा होने का भी डर बना रहता है।

बुजुर्ग और दिल के मरीजों के घातक

तेज आवाज वाले साइलेंसर की आवाज बुजुर्ग और दिल के मरीजों के लिए घातक साबित हो रही है। बाइक के शौकीन युवा नए साइलेंसर को निकालकर लंबी पाइप वाले साइलेंसर लगवा रहे हैं। इसके कारण कई बार पीछे से तेज आवाज आने से राहगीर डर जाते हैं। तेज ध्वनि के साथ फायर की आवाज निकलती है। बाइक का एक्सीलेटर बढ़ाकर गलियों में भी ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, जिसके कारण बच्चों, बुजुर्गों, दिल की बीमारी वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है।

ये है सजा का प्रावधान

नए मोटरयान अधिनियम 2019 की धारा 182 (क)(4) में वाहन में किए परिवर्तन को लेकर दंड का प्रविधान किया गया है। वाहन में प्रत्येक बदलाव करने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना या छह माह के कारावास का प्रावधान है।

55 से 60 डेसिबल तक होनी चाहिए आवाज

ट्रैफिक नियम के अनुसार, आबादी वाले क्षेत्र में बुलेट के साइलेंसर से निकलने वाली आवाज को 55 से 60 डेसिबल तक सामान्य माना जाता है और किसी भी बाइक से निकलने वाली आवाज 60 डेसिबल से कम ही होनी चाहिए, लेकिन जब साइलेंसर बदलते हैं तो बाइक की आवाज 100 डेसिबल से भी ज्यादा का ध्वनि प्रदूषण करती है, जो गैरकानूनी है। देश के कुछ शहरों जैसे बेंगलुरु, पुणे और चंडीगढ़ में तो ट्रैफिक पुलिस ने इस तरह के साइलेंसर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन मप्र में इस पर कोई रोक नहीं है।

साइलेंसर बदलवाकर मचा रहे भारी शोर

बुलेट में लगे ये साइलेंसर इंसान के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर खतरनाक हैं। साइलेंसर बदलकर तेज आवाज निकालना बुलेट मालिक अधिक कर रहे हैं। इस बाइक में सबसे अधिक जिस पार्ट को बदलवाया जाता है, वह है साइलेंसर या एग्जॉस्ट सिस्टम। बाइक के एक्जॉस्ट की आवाज में ज्यादा थंडर लाने के लिए लोग कंपनी के असली साइलेंसर हटवा कर अलग किस्म के लगवा लेते हैं। सड़क पर चलते हुए लोग इनकी आवाज झेल नहीं पाते। ऐसे साइलेंसर लगी बाइक जब पास से गुजरती है तो कई बार कंपन जैसा आभास होता है। बहुत तेज होने के अलावा कुछ साइलेंसर में पटाखे जैसी आवाज निकलती है।

करीब 100 वाहनों पर की थी कार्रवाई

आरटीओ ने गोली जैसी आवाज निकालने वाले दो पहिया वाहनों पर दो महीने में 100 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई थी। इसके लिए आरटीओ विभाग ने वाट्सऐप नंबर को जारी किया गया था।

दो साल पहले वाहन के नंबर बताने पर दिए गए थे नोटिस

आरटीओ विभाग ने करीब दो साल पहले एक व्यवस्था शुरू की थी, जिसमें यदि कोई वाहन में तेज आवाज वाले साइलेंसर लगता है तो उसकी शिकायत कोई भी आरटीओ में कर सकता था। शिकायत आने के बाद विभाग वाहन मालिक के खिलाफ नोटिस जारी करता था और वाहन लेकर कार्यालय पहुंचना पड़ता था। यदि खामी पाई जाती थी या फिर वाहन चालक नोटिस का जवाब नहीं देता तो उसके लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जाती थी, लेकिन एक-दो महीने चलकर यह व्यवस्था बंद हो गई।