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लोकसभा चुनाव के दौरान घर बनाने की मत सोचना क्योंकि सीमेंट के रेट चौंका देने आपको

लोकसभा चुनाव के दौरान घर बनाने की मत सोचना क्योंकि सीमेंट के रेट चौंका देने आपको

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cement rate increase in loksabha election 2019

लोकसभा चुनाव में महंगा हो गया घर बनाना, सीमेंट के दामों पहुंचे आसमान में

ग्वालियर. सीमेंट की लगातार बढ़ती कीमतों ने घर बनाने का सपना महंगा कर दिया है। बीते 25 दिन में सीमेंट की कीमत में करीब 35 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। इससे घर की लागत सात से 10 फीसदी बढऩे का अनुमान है। सीमेंट की कीमतों के बढऩे के पीछे कंपनियों का गठजोड़ बताया जा रहा है। सीमेंट कारोबारियों की मानें तो लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण इस समय सरकार के स्तर पर राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो सकता है इसी का फायदा उठाते हुए कीमतें बेलगाम हो रही हैं।

बताया जाता है कि 1 मई से सीमेंट की बोरी पर 25 रुपए का और भी इजाफा हो सकता है। इसके साथ ही यूपी और बिहार में यही सीमेंट की बोरी 425-450 रुपए तक बेची जा रही है। सीमेंट की बेकाबू कीमत के कारण व्यक्तिगत तौर पर घर बनाने वाले ग्राहकों पर तो असर हो ही रहा है, हाउसिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर भी सीधा-सीधा असर पड़ रहा है।

20 फीसदी रह गई खपत
सीमेंट कारोबारी विजय जाजू के मुताबिक पहले सीमेंट की रोजाना की खपत 20 हजार बोरी से अधिक हो रही थी, जो अभी 5 हजार बोरी से भी नीचे आ पहुंची है। फिर भी सीमेंट कंपनियां लगातार दाम बढ़ाए जा रही हैं। 25 दिन पूर्व तक ब्रांडेड सीमेंट की जो बोरी 300 रुपए की थी वह अब 335 रुपए पर जा पहुंची है। वहीं 1 मई तक सीमेंट की बोरी में 25 रुपए की और बढ़त बताई जा रही है।

लोहा बाजार में सट्टे का खेल
लोहा बाजार सट्टे का खेल चल रहा है। लोहा कारोबारियों का कहना है कि अब इस मार्केट में डिमांड और सप्लाई का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सटोरिए ही अपने फायदे को देखते हुए कीमतों में तेजी-मंदी ला रहे हैं। फैक्ट्रियों में सरिया 43000 रुपए प्रति टन तथा रिटेल में 46000 रुपए प्रति टन बिक रहा है।

रीयल एस्टेट पर भी पड़ रहा असर
&जब तक चुनाव है, तब तक कोई सुनने वाला नहीं है। सीमेंट कंपनियां भी इसी का फायदा उठाकर मनमानी करने में लगी हैं। सीमेंट के दाम बढऩे का सीधा-सीधा असर रीयल एस्टेट पर भी पड़ रहा है।
अतुल अग्रवाल, अध्यक्ष, के्रडाई ग्वालियर