-यह जानलेवा नहीं, लेकिन पीड़ादायक है, सात दिन तक रहता है असर
ग्वालियर। मौसम में बदलाव से कई संक्रामक बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। इनमें एक बीमारी चिकन पॉक्स है। इसे छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। इसमें बुखार के साथ शरीर में दाने हो जाते हैं और तेज खुजली होती है। यह बीमारी जानलेवा नहीं है, लेकिन पीड़ादायक है। इसका असर 7 दिन तक रहता है। इससे अन्य लोगों के भी संक्रमित होने का खतरा रहता है। इन दिनों जेएएच की ओपीडी में चिकन पॉक्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां हर दिन पांच से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
हवा से फैलता है संक्रमण
चिकन पॉक्स वेरीसेला जोस्टर नामक वायरस के कारण फैलता है। इस विषाणु के शिकार लोगों के पूरे शरीर में फुंसियां जैसी चक्तियां हो जाती हैं। यह संक्रमण हवा और खांसी के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति के शरीर तक पहुंच जाता है। आसपास किसी को हो तो ऐसे में बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
यह रखें सावधानी
● मरीज को घर में आइसोलेट किया जाए।
● संपर्क में आने वाले लोगों को भी दवाएं देना चाहिए।
● मरीज को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
एक दूसरे से फैलती है
चिकन पॉक्स एक वायरस से फैलने वाली बीमारी है। इससे बचने के लिए विशेष इंतजाम करना चाहिए। यह एक दूसरे से फैलती है।
डॉ. अनुभव गर्ग, विभागाध्यक्ष चर्म रोग जीआरएमसी
कोरोना से पहले सप्ताह में एक-दो मरीज ही आते थे
चिकन पॉक्स किसी भी मौसम में हो सकती है। कोरोना से पहले यह सप्ताह में एक-दो मरीजों में ही देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह हर दिन चार-पांच मरीजों में देखने को मिल रही है।
सफाई नहीं होने पर फैलती है बीमारी
सफाई नहीं होने पर कई तरह की बीमारियां फैलती हैं, उनमें चिकन पॉक्स भी है। अगर सावधानी रखें और स्वयं के साथ आसपास सफाई रखें तो बीमारियों से बचाव कर सकते हैं।