
Hailstorm:चिंता में किसान-बोले, गेहूं तो पक ही गए थे, काटने की तैयारी थी, आधे घंटे के ओलों ने बर्बाद कर दिया
वीरपुर। हम तो बस यह तैयारी कर रहे थे कि अब नवमी के आसपास गेहूं कटवा लेंगे। एक कंपान वाले से बात भी कर ली थी, कंपान वाला खेत पर आकर देख भी गया था, लेकिन इतवार का दिन हमारे लिए आफत लेकर आया। हम तो निश्चिंत थे,लेकिन दोपहर में पहले बादल आए और फिर अचानक सूखे ओले गिरने लगे थे। थोड़ी देर बाद बारिश होने लगी। इस बारिश और ओलों ने तो हमें बर्बाद कर दिया। बड़े आदमी तो अपना काम चला लेंगे लेकिन हम तो छोटे किसान हैं। अब चिंता यही है कि सालभर के खाने के गेहूं तो मजदूरी करके भी खरीद लाएंगे लेकिन लागत में जो पूंजी लगी वो कैसे निकलेगी। यह कहना था कि श्यामपुर, अंबाह का पुरा, घूघस, साथेर, फरेरे और छाबर गांवों के किसानों का। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं गांवों में हुआ है। सोमवार को इन गावों में सर्वे दल की दस टीमें भी पहुंच गईं। शुरुआती आकलन में 100 हैक्टेयर में फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है।
दरअसल, शनिवार की रात में बारिश और फिर रविवार को दोपहर के करीब ढाई बजे जिले की वीरपुर तहसील के 12 गांवों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई थी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पककर तैयार फसल को बिछा दिया। गेहूं के तने टूट गए और कुछ जगहों पर टूटे पौधे खेतों में गिर भी गए। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासनिक दल गांवों में पहुंच गए हैं।
पहले दिन के सर्वे में अभी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान ही लगाया गया है। सही जानकारी एक दिन बाद आएगी। सुबह के समय , एसडीएम नीरज शर्मा और तहसीलदार संजय जैन श्यामपुर पहुंंच गए थे। इसके बाद दोपहर में कलेक्टर शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर डॉ अनुज रोहतगी भी पहुंच गए थे। उप संचालक कृषि पी गुजरे भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खेतों तक पहुंचे। कलेक्टर ने किसानों से बात करते हुए सर्वे के बाद राहत का आश्वासन दिया। किसानों का कहना है कि दल में शामिल शासकीय कर्मचारी सर्वे के नाम पर औपचारिकता कर रहे हैं। कलेक्टर ने सभी से कहा कि गांव के पंचायत भवन पर सूची चस्पा की जाएगी। इसमें अगर किसी भी तरह की समस्या हो तो वह वरिष्ठ अधिकारियों को बता सकता है।
यह बोले किसान
श्यामपुर के किसान श्रीलाल जाटव की सात बीघा, बाबू जाटव की चार बीघा, सोनेराम गुर्जर की पांच बीघा, पप्पू की पांच बीघा, रामबाबू की चार बीघा फसल पककर खड़ी थी। किसानों का कहना है कि कटाई की पूरी तैयारी थी लेकिन ओलों ने सब खराब कर दिया। सर्वे के लिए जो लोग आए हैं वे हमसे ही कहलवाना चाह रहे हैं और जब पूरे नुकसान की बात बता रहे हैं तो अगले खेत में चले जा रहे हैं।
इन गांवों में हुआ है नुकसान
तहसील की सात पंचायतोंं के 12 गांव में नुकसान है। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान श्यामपुर, गौहर, सीखेड़ा, दिमरछा, पांचों, जाखेर, तेलीपुरा, छाबर, नितनवास एवं घंूघस गांव में है।
Published on:
21 Mar 2023 12:09 pm
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