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खेत में काम करते हुए करंट लगने से हुई थी पति की मृत्यु अब पत्नी को मिलेगी 4 लाख रुपए सहायता

-कलेक्टर ने दादा के साथ आए दो बच्चों के पालन पोषण को दिए दस हजार   https://www.patrika.com/gwalior-news/most-of-the-old-step-wells-are-still-open-and-unsafe-8231523/

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खेत में काम करते हुए करंट लगने से हुई थी पति की मृत्यु अब पत्नी को मिलेगी 4 लाख रुपए सहायता

खेत में काम करते हुए करंट लगने से हुई थी पति की मृत्यु अब पत्नी को मिलेगी 4 लाख रुपए सहायता

श्योपुर। शंकरपुर निवासी महावीर बंजारा की मृत्यु खेतों में पानी देने के लिए बोरिंग का बटन दबाने से आए करंट की वजह से हो गई थी। मृतक की पत्नी ममता ने संबल योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता की मांग की थी। मंगलवार को ममता जनसुनवाई में पहुंची और अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने की शिकायत की। कलेक्टर ने पूरा मामला जानने के बाद दो दिन में प्रकरण तैयार कर चार लाख रुपए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नयागांव निवासी सरूपी आदिवासी ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के अंतर्गत पूर्व में दिए गए आवेदन को लेकर कोई कार्रवाई न होने पर फिर से अपील की। नयागांव की ही ममता आदिवासी ने भी जनसुनवाई में आकर बताया कि उसकी बेटी दुर्गेश (18) की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस प्रकरण में कलेक्टर ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच के बाद आर्थिक सहायता का प्रकरण तैयार किया जाए।
मंगलवार को सुबह 11 से दोपहर 1

.30 बजे तक कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई हुई। इस दौरान 98 आवेदन आए। आवेदनों की सुनवाई कलेक्टर के अलावा जिपं सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, डिप्टी कलेक्टर वायएस तोमर, ब्रम्हस्वरूप श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी जनसुनवाई डॉ सुनील चौहान आदि ने की।


दो बच्चों को मिली सहायता
-6 साल के चंदन और 2.5 वर्ष के अंश को उनके दादा बजरंग बैरवा लेकर आए थे। मुदाला पाड़ा से आए बच्चों के पालन पोषण को कलेक्टर ने 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी। इसके साथ ही महिला बाल विकास के डीपीओ ओपी पांडेय को बच्चों की फॉस्टर केयर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। जबकि नायब तहसीलदार राघवेन्द्र कुशवाह को बीपीएल कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।


महिला को 15 हजार रुपए तत्काल मदद
कालीतलाई निवासी माया आदिवासी ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को बताया कि उसके पति भूरिया आदिवासी की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हो गई थी। इसके बाद से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है। कलेक्टर ने जिपं अधिकारियो ंको संबल योजना के अंतर्गत चार लाख रुपए का प्रकरण बनाने का निर्देश दिया। जबकि 15 हजार रुपए तात्कालिक सहायता मौके पर ही उपलब्ध कराई।