
ना कैमरे, ना सुरक्षा गार्ड, कैसे सुरक्षित होगा 2 संभाग, 8 जिलों की 30 हजार फर्म व सोसायटी का गोपनीय रिकॉर्ड
ग्वालियर. शासकीय कार्यालयों मेें गोपनीय रिकॉर्ड किस तरह से असुरक्षित तरीके से रखा जाता है, इसका अंदाजा सहायक पंजीयक फर्म एवं संस्थाओं के कार्यालय में असुरक्षित स्थान पर रखवाए गए गोपनीय रिकॉर्ड को देखकर लगाया जा सकता है। वर्तमान में सहायक पंजीयक फम्र्स एवं संस्थाओं का कार्यालय हैलिपेड कॉलोनी स्थित एक किराए के भवन में खुलवा दिया गया है, जहां पर खुले में 8 जिलों की 90 हजार से अधिक फर्म एवं सोसायटी का गोपनीय रिकॉर्ड असुरक्षित स्थान पर रखा हुआ है। जिस तरह से खुले में यह रिकॉर्ड रखा है, वहां तक कोई भी अनजान व्यक्ति आसानी से पहुंचकर गोपनीय फाइल ले जा सकता है, इसका खुलासा एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा किए गए स्टिंग के दौरान हुआ।
एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा हैलिपेड कॉलोनी में किराए के भवन में खोले गए सहायक फम्र्स एवं सोसायटी के कार्यालय में रखे रिकॉर्ड के संबंध में पड़ताल की गई तो पता चला कि जिस किराए के भवन में गोपनीय रिकॉर्ड रखा हुआ है, उस भवन का मेन गेट महज तीन फीट ऊंचा है, ऐसे में गेट फांदकर कोई भी आसानी से रिकॉर्ड के पास तक पहुंच सकता है, क्योंकि न तो यहां पर कोई सुरक्षा गार्ड है, न ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। साथ ही प्रभारी कक्ष के अंदर भी काफी मात्रा में रिकॉर्ड रखा हुआ है, जिसकी सुरक्षा के लिए महज एक गेट पर ताला लगा हुआ है, लेकिन वह रिकॉर्ड भी एक चैनल के अंदर है, जिसमें से कोई भी आसानी से फाइल निकाल सकता है।
एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा कार्यालय में रखवाए गए रिकॉर्ड के संबंध में सुरक्षा के इंतजाम जानने के लिए काफी देर तक चहल कदमी की गई, लेकिन करीब आधा घंटे तक कोई भी रोकने-टोकने वाला नहीं आया, जिससे गोपनीय रिकॉर्ड को लेकर कार्यालय के प्रभारी की जिम्मेदारी स्पष्ट दिखाई दे रही है कि वह गोपनीय रिकॉर्ड को लेकर कितने गंभीर हैं।
हैलिपेड कॉलोनी रिहायशी कॉलोनी है, जहां पर किसी भी अनजान व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाता है, इसके बावजूद रिहायशी इलाके में शासकीय कार्यालय खोल दिया गया है, जिसको लेकर कॉलोनीवासी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि शासकीय कार्यालय होने के कारण कई लोगों का आवागमन होता है, ऐसे में हमारी निजता भी प्रभावित हो रही है। उनके द्वारा कार्यालय प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराकर शीघ्र ही कॉलोनी से शासकीय कार्यालय हटवाए जाने के संबंध में मांग की गई है।
बिना नियमों के किराए के भवन का कर रहे व्यावसायिक उपयोग
सहायक फम्र्स एवं सोसायटी का कार्यालय पूर्व में सिटी सेंटर स्थित एजी ऑफिस के पुल के नीचे किराए के भवन में संचालित होता था। लेकिन कार्यालय के लिए पर्याप्त स्थान होने के लिए कार्यालय प्रबंधन की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई, जिसके आधार पर हेलीपेड कॉलोनी में आरके कटारे के मकान में कार्यालय को संचालित किए जाने का अनुबंध किया गया, लेकिन अनुबंध में भी कई प्रकार की खामियां हैं। फिर भी आनन-फानन में किराए के भवन में बिना नियमों के कार्यालय को खोलकर व्यावसाियक उपयोग किया जा रहा है। जिसमें कार्यालय प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट जाहिर होते दिख रही है।
-सहायक फम्र्स एवं सोयासटी कार्यालय जिस भवन में खोला गया है, वहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है, ऐसे में तो कोई भी रिकॉर्ड चोरी कर ले जा सकता है?
- कार्यालय खोले जाने के लिए तत्काल जगह नहीं मिली थी, इसलिए वैकल्पिक रुप से कार्यालय खोल दिया गया है, सुरक्षा के अभाव में रिकॉर्ड चोरी होने की बात है तो खुले में जो रिकॉर्ड रखा हुआ है वह तो अनुपयोगी है।
-जिस किराए के भवन में कार्यालय खोला गया है, उसमें आपके कमीशन की बात सामने आ रही हैं, क्या कारण है?
नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है, हमारे द्वारा तो अखबार में विज्ञापन दिया गया था, जिसके आधार पर ही कार्यालय खोला गया है।
-कॉलोनीवासियों द्वारा भी रिहायशी इलाके में कार्यालय खोले जाने का विरोध किया जा रहा है, फिर भी अभी तक कार्यालय शिफ्ट क्यों नहीं किया जा रहा है?
- यह बात सही है कि कॉलोनीवासी विरोध कर रहे हैं, इसके लिए कार्यालय शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराकर जगह की मांग की जा चुकी है। जगह मिलते ही कार्यालय को कॉलोनी से शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बी.डी. कुबेर, असिस्टेंट रजिस्टार एवं प्रभारी सहायक फम्र्स एवं सोयासटी
Published on:
21 Aug 2018 07:30 pm
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