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सावधान! मार्कशीट 12वीं पास की और कर रहे लोगों का इलाज, यहां अबतक 5 अवैध क्लीनिक सील

Gwalior News : अवैध रूप से संचालित फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में है। शहर में स्थित मोतीझील और रायरू इलाकों में अचानक पहुंचे स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया।
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ग्वालियर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 Jan 2026, 8:14 AM IST

Gwalior News

यहां 12वीं पास करता मिला मरीजों का इलाज (Photo Source- Collector Office Gwalior FB)

Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में अवैध रूप से संचालित फर्जी क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में है। शहर में स्थित मोतीझील और रायरू इलाकों में अचानक पहुंचे स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया।

जांच में पता चला कि, संबंदित क्लीनिकों के पास न तो सीएमएचओ कार्यालय का वैध पंजीयन है और न ही संबंधित चिकित्सा पद्धति में इलाज करने की पात्रता। इसके बावजूद मरीजों को गंभीर एलोपैथिक दवाएं दी जा रही थीं, जो जानलेवा साबित हो सकती थीं।

मार्कशीट सिर्फ 12वीं पास की और बने बैठे हैं डॉक्टर

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच में पाया कि, रायरू इलाके में बंगाली क्लीनिक संचालक प्रदीप राय सिर्फ 12वीं पास है, फिर भी एलोपैथ मेडिसिन से मरीजों का इलाज कर रहा था। इसी तरह, मोतीझील और पुरानी छावनी इलाके में एएनएम और जीएनएम भी एलोपैथिक चिकित्सा करते पकड़े गए। कार्रवाई में डॉक्टर उमेश मौर्य और शाखा प्रभारी पुरेन्द्र सिंह राजपूत शामिल थे। विभाग ने सभी दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग का सख्त संदेश

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि, ग्वालियर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना पात्रता के चिकित्सा प्रैक्टिस करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

ये क्लीनिक किये गए सील

-गिर्राज शर्मा, तिवारी क्लीनिक (मोतीझील)- बीएचएमएस, एलोपैथिक इलाज करते पाए गए
-राजेंद्र सिंह राजपूत, नेहा स्वास्थ्य सदन (रायरू)- बीएएमएस, एलोपैथिक इलाज करते पाए गए
-प्रदीप राय, बंगाली क्लीनिक (रायरू)- 12वीं पास, डॉक्टर बनकर इलाज करता मिला
-विनोद गोस्वामी, शर्मा क्लीनिक (मोतीझील)- जीएनएम, एलोपैथिक प्रैक्टिस करते पकड़े गए
-गीता सिकरवार (पुरानी छावनी)- एएनएम, एलोपैथिक इलाज करते हुए मिलीं