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भद्रा से असमंजस, कहीं 6 को, कहीं 7 को होगा होलिका दहन शहर की सबसे बड़ी होलिका में लगेंगे 30 हजार कंडे

शहर की सबसे बड़ी होली सराफा बाजार में जलाई जाती है। यहां होलिका दहन 7 मार्च को रात 8.30 बजे से किया जाएगा। इसमें 25 से 30 हजार कंडे लगाए जाएंगे। करीब 15 फीट ऊंची इस होलिका के बीच में होलिका की गोद में प्रहलाद को बैठाया जाएगा।

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भद्रा से असमंजस, कहीं 6 को, कहीं 7 को होगा होलिका दहन शहर की सबसे बड़ी होलिका में लगेंगे 30 हजार कंडे

ग्वालियर. होलिका दहन के लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। भद्रा योग के चलते कहीं 6 मार्च को तो कहीं 7 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। शहर की सबसे बड़ी होली सराफा बाजार में जलाई जाती है। यहां होलिका दहन 7 मार्च को रात 8.30 बजे से किया जाएगा। स्थानीय निवासी गोपाल ङ्क्षजदल ने बताया कि 6 मार्च को भद्रा होने के कारण दूसरे दिन मंगलवार को होलिका दहन किया जाएगा। इसमें 25 से 30 हजार कंडे लगाए जाएंगे। होलिका दहन के दौरान वृंदावन की मंडली द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा। आकर्षक विद्युत सजावट, फूलों की होली भी होगी। करीब 15 फीट ऊंची इस होलिका के बीच में होलिका की गोद में प्रहलाद को बैठाया जाएगा। जब होलिका को जलाया जाएगा, वैसे ही प्रहलाद को रस्सी के सहारे खींच लिया जाएगा। मंदिरों में होली पर कई कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों की शुरूआत होलिका दहन से होगी और समापन रंगपंचमी पर होगा। पंचांगों में होलिका दहन की अलग-अलग तिथि होने से इस बार असमंजस है। किसी पंचांग में होलिका दहन 6 मार्च को, किसी में 7 मार्च को होने का उल्लेख है। यह स्थिति 6 मार्च को अशुभ माने गए भद्रा योग के कारण बनी है। भद्रा रहित समय में होलिका दहन करें, तो पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी और पूर्णिमा काल में करें, तो उस समय भद्रा योग रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ.सतीश सोनी के अनुसार होलिका दहन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 6 मार्च को शाम 4.17 से प्रारंभ होकर 7 मार्च की शाम 6.10 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि का सूर्योदय 7 मार्च को उदया तिथि में होगा। इसलिए 7 मार्च के दिन होलिका दहन श्रेयस्कर रहेगा।


मंदिरों में रंगपंचमी तक होंगे कार्यक्रम
अचलेश्वर मंदिर: रंगपंचमी पर निकलेगा चल समारोह
अकाउंटेंट वीरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि 6 मार्च को रात 8 बजे होलिका दहन होगा। प्रशासन से अनुमति के बाद रंगपंचमी पर 12 मार्च को चल समारोह सुबह 11 बजे अचलेश्वर मंदिर से निकाला जाएगा।
सनातन धर्म मंदिर: कल दहन, फाग गायन होगा
अध्यक्ष कैलाश नारायण मित्तल ने बताया कि 6 मार्च को शाम 6.30 बजे होलिका दहन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु गुलाल की होली खेलेंगे और फाग गायन होगा। दूसरे दिन 7 मार्च को भगवान चक्रधर का विशेष शृंगार होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से भक्त भगवान के साथ गुलाल और फूलों की होली खेलेंगे।
इस्कॉन मंदिर: सात को होगा फागोत्सव
इस्कॉन मंदिर नया बाजार के महेंद्र प्रभु ने बताया कि 7 मार्च को गोर पूर्णिमा महोत्सव के साथ दोपहर 2 से शाम 7.30 बजे तक फागोत्सव होगा। इसमें फूलों की होली खेली जाएगी। हरिनाम संकीर्तन में नृत्य और प्रवचन भी होंगे। 8 मार्च को भंडारा होगा।
मोटे गणेश: होलिका दहन कल, फूलों की होली होगी
मोटे गणेश मंदिर खासगी बाजार के जगदीश प्रसाद ने बताया कि मंदिर पर 6 मार्च को रात 8 बजे होलिका दहन होगा और श्रद्धालु फूल और गुलाल से होली खेलेंगे।
वैदिक होली खेली जाएगी
लाल टिपारा गोशाला मुरार में 7 मार्च को वैदिक होली खेली जाएगी। गोशाला मे सुगंधित धूनि की जाएगी और गोबर का घोल तैयार किया जाएगा।