
Breaking: कांग्रेस के दिग्गज नेता का निधन, कांग्रेस में शोक की लहर, चुनाव में होगी मुश्किल
ग्वालियर। प्रदेश में इसी साल चुनाव होना है जिसकी तैयारियां कांग्रेस और भाजपा ने शुरू कर दी है। दोनों ही पार्टी के बड़े और छोटे नेता हर हाल में चुनाव जीतने के लिए अभी से ही मैदान में उतर आए हंै। लेकिन चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी को एक ऐसा झटका लग गया जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। खैर भगवान के आगे किसी की नहीं चलती है। कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और स्वतंत्रता संग्राम सैनानी व पूर्व महापौर चिमन भाई मोदी का 94 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी बाद मुबंई में निधन हो गया,जहां गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह सच्चे गांधी वादी नेता थे।
वह स्व.रघुनाथ पापरीकर के बाद 1962 में शहर के महापौर चुने गए। अचलेश्वर मंदिर के पास टेलीफोन एक्सचेंज का निर्माण उन्हीं की देन थी। वह स्वतंत्रता सैनानी रहे, सिद्धांतवादी होने से उन्हें ग्वालियर का गांधी कहा जाता था। वह मानस भवन के भी संस्थापक सदस्यों में रहे। वह खेड़ापति कॉलोनी में किराए के मकान में रहे और 2013में परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए।
चुनाव से पहले झटका
मध्यप्रदेश में दो माह बाद विधानसभा चुनाव होना है लेकिन उससे पहले कांग्रेस के इस दिग्गज नेता से कार्यकर्ता और नेता सहित हर कोई शोक में है। क्योकि चुनाव से पहले चिमन भाई मोदी का जाना कहीं न कहीं कांग्रेस को चुनाव में मुश्किल दे सकता है। हालांकि शहर के कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि वह राजनीति को छोडक़र २०१३ में परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए थे। लेकिन आज भी ग्वालियर शहर में उनके चाहने वाले है और वह उन्हें पंसद भी करते है। इससे दो साल पहले कांग्रेस को दो बड़े झटके लगे थे जिनमें एक शहर के कांग्रेस जिलाअध्यक्ष दर्शन सिंह का निधन तो दूसरा पूर्व महापौर रघुनाथ पापरीकर का निधन। जिनके कमी से कांग्रेस पार्टी अभी तक ऊभर ही नहीं पाई है। अब एक दम चिमन भाई का चले जाने से चुनाव में पार्टी को मुश्किल का सामना भी करना पड़ सकता है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष भी रहे
श्रीराम लीला समारोह समिति छत्री प्रांगण के पूर्व अध्यक्ष चिम्मनभाई मोदी के निधन पर समिति के पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करने वालों में समिति के अध्यक्ष विष्णु गर्ग, महामंत्री विमल जैन, विजय गोयल, सत्यप्रकाश मिश्रा, रमेश चौरसिया, गुड्डू वारसी, रमेश अग्रवाल शामिल हैं। इलेक्शन प्लानिंग कमेटी के सदस्य रमेश अग्रवाल ने कहा कि मोदी जीवन पर्यंत कांग्रेस को मजबूत करने में लगे रहे। सच्चे एवं कर्मठ व्यक्ति के रुप में उनकी सेवाएं हमेशा याद की जाएंगी। शोक व्यक्त करने वालों में लतीफ खां मल्लू, रघुराज सिंह राजपूत, उमाशंकर सोनी, रमेश पाल, मोहसिन बेग, अरविंद चौहान, संतोष शर्म, गौरव भोंसले, रचिका श्रीवास्तव, आदि शामिल है।
उनका खासा लगाव रहा
शहर के महापौर विवेक शेजवलकर ने बताया कि चिमन भाई का निधन ग्वालियर के लिए अपूर्णनीय क्षति है। वह सिद्धांतवादी और सच्चे गांधीवादी रहे। मेरे परिवार से उनका खासा लगाव रहा। वह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के केंद्र बने रहेंगे।आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. इंद्रकुमार गुजराती ने कहा कि चिमन भाई स्वतंत्रता संग्राम सैनानी थे, लेकिन कभी सरकारी मदद स्वीकार नहीं की। वह स्वदेशी को बढ़ावा देते रहे। उनकी सादगी हमेशा याद रहेगी।
Published on:
31 Aug 2018 02:50 pm
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