
ग्वालियर. साफ सफाई में लगातार पिछड़ रहे नगर निगम ग्वालियर को नंबर वन बनाने के लिए निगम प्रशासन ने अब कमर कस ली है। यही कारण है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के प्रत्येक बिंदू पर आयुक्त की खास नजर है। फरवरी व मार्च में स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के लिए केंद्रीय दल की टीम आ सकती है। निगम की ओर से इस बार सेवन स्टार (प्लेटिनम) रेटिंग के लिए वाटर प्लस सिटी का सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। ग्वालियर के पास अभी ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट है और इसकी वैधता मई 2023 में खत्म होने वाली है। जबकि वाटर प्लस ग्वालियर को पिछले वर्ष नहीं मिला था। इसलिए नगर निगम अब दोबारा से वाटर प्लस व सेवन स्टान के लिए आवेदन करने जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी है इसलिए निगम इससे पूर्व ही आवेदन करेगा। वहीं वाटर प्लस हासिल करने के लिए शहर में किसी भी तरह का ब्लैक अथवा ग्रे वाटर नदी-नालों में नहीं बहना चाहिए और ओपन सीवरेज खत्म होना चाहिए। हालांकि शहर के नदी नालों में अभी भी काफी संख्या में गंदगी नजर आ रही है। इसके अलावा सर्वेक्षण में वेस्ट-टू-वंडर, रेड स्पॉट और जीरो वेस्ट इवेंट व सिंगल यूज प्लास्टिक के अंक भी जोड़े जाएंगे।
इन तीन कैटेगरी में बांटे गए है अंक
श्रेणी पहले इस बार
सेवा स्तर 40 प्रतिशत 48 प्रतिशत
प्रमाणीकरण 30 प्रतिशत 26 प्रतिशत
सिटीजन वॉइस 30 प्रतिशत 26 प्रतिशत
इन बिंदुओं पर इतने अंक
13 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए अंक किए गए है। जबकि पहले 10 फीसदी ही थे।
10 प्रतिशत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अंक रहेंगे। पहले यह सिर्फ दो फीसदी थे।
13 प्रतिशत सिटीजन वॉइस घटक के स्वच्छ वार्ड संकेतक के अंक रहेंगे। इन्हें 12 फीसदी बढ़ाया है। पहले मात्र 1 फीसदी अंक थे।
02 प्रतिशत वेस्ट टू वंडर पार्क के लिए अंक रहेंगे।
05 प्रतिशत जीरो वेस्ट इवेंट के अंक रहेंगे, जबकि पहले यह 2 फीसदी थे।
09 प्रतिशत दिव्यांग अनुकूल शौचालय के लिए अंक होंगे। इनमें इस बार 6 फीसदी का इजाफा किया गया।
05 प्रतिशत सार्वजनिक क्षेत्रों में रेड स्पॉट को भी जोड़ा गया है।
तीसरे क्वार्टर के दस्तावेज होने हैं जमानगरीय एवं आवासन विभाग ने इस बार 9500 अंक निर्धारित किए हैं। पिछली बार 7500 हजार अंक थे। अक्टूबर से दिसंबर तक तीन महीने में जीरो वेस्ट इवेंट तीन होना जरूरी हैं। वही इधर-उधर थूकने से रोकने लिए रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। अभी 10 रेड स्पॉट चिह्नित किए गए है,जहां 30 के करीब अभी चालन बनाए जा चुके हैं। सिटीजन फीडबैक सहित चार चरणों में सर्वे होगा। पहले व दूसरे क्वार्टर के दस्तावेज जमा हो चुके हैं। तीसरे क्वार्टर के दस्तावेज जमा होने हैं।
सफाई मित्र सुरक्षा के 4525 अंक
नई गाइडलाइन के तहत कचरे के सेग्रिगेशन, निपटान और उपयोगिता, जल प्रबंधन व सफाई मित्र सुरक्षा के 4 525 अंक निर्धारित हैं। जबकि पिछली बार इसके लिए 3000 अंक थे। गीले-सूखे कचरे संग्रहण के पहले 900 अंक निर्धारित थे। इस बार 1750 अंक मिलेंगे। सिटीजन वॉइस के अंक कम कर 26 फीसदी किए गए हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने के लिए हम अब और अधिक तेजी के साथ शहर के बाजारों को प्लास्टिक मुक्त बनाने जा रहे है।
रेड स्टॉप मिलने पर लगातार कर रहे हैं चालानी कार्रवाई
आयुक्त किशोर कान्याल का कहना है कि स्वच्छता सर्वे के लिए जितने भी पैरामीटर तय किए हैं, ग्वालियर उन पर खरा उतरता है। सौंर्दयीकरण सहित सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पान-गुटखा, तंबाकू थूकने वालों के लिए रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। रेड स्पॉट कम करने के लिए चिह्नित स्पॉट्स पर चालानी कार्रवाई भी लगातार की जा रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए केंद्र की सर्वे टीम फरवरी अथवा मार्च में शहर में आ सकती है। वाटर प्लस सिटी का सर्टिफिकेट में पिछले वर्ष हम पीछे रह गए थे। इसलिए इस बार वाटर प्लस व सेवन स्टार के लिए दोबरा से आवेदन करने जा रहे हैं।
अमरसत्य गुप्ता, उपायुक्त
Published on:
30 Jan 2023, 9:51 PM IST
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