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अधूरी और अस्पष्ट जांच से आरोप सिद्ध नहीं कर पाई पुलिस, सरमन मामले में कोर्ट ने जांच पर खड़े किए सवाल

सरमन मामले में कोर्ट ने जांच पर खड़े किए सवालसेंट्रल जेल ग्वालियर से 16 फरवरी 14 को फरार होने के असफल प्रयास होने के मामले में अदालत ने सरमन सहित सभी

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ग्वालियर। हत्या के तीन मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी सरमन शिवहरे के सेंट्रल जेल ग्वालियर से 16 फरवरी 14 को फरार होने के असफल प्रयास होने के मामले में अदालत ने सरमन सहित सभी 6आरोपियों को दोषमुक्त तो कर दिया, लेकिन इस मामले में की गई जांच पर कर कई सवालिया निशान खड़े किए हैं। अदालत ने कहा कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य थी फिर भी इसे एकत्र करने और न्यायालय में पेश करने में जानबूझकर उपेक्षा की गई और साक्ष्य छुपाया गया।


न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में जो परिस्थितियां व्यक्त की गई उससे यह साबित नहीं होता कि सरमन ने जेल से भागने का प्रयास किया था। इस मामले में सभी गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास है, जहां वह बंद था उसकी चाबी के संबंध में विवरण भी अस्पष्ट है। इस बात का कोई उत्तर नहीं दिया गया कि बैरक, जिसमें सरमन बंद था उसका ताला कब और किसने खोला था? किसकी ड्यूटी उस बैरक में थी और बैरक की चाबी सरमन के पास कहां से आई? इन सवालों के उत्तर न होने से एक अस्पष्टता उत्पन्न होती है जो प्रकरण को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।


ऐसे भागने का प्रयास किया था सरमन ने
पुलिस के अनुसार जेल से 10 फरवरी 14 को पैरोल पर रिहा हुए अभियुक्त सुरेन्द्र ने सरमन को जेल से निकालने के लिए पूरा षड्यंत्र रचा था। उसने प्रहरी रतिभान नरवरिया के माध्यम से सरमन के पास एक मोबाइल जेल में भिजवाया था। इससे दोनों की बात होती थी।

उसने 16 फरवरी 14 को जेल की आउटर बाउंड्री के बाहर एक पेड़ से रस्सा बांधकर रस्से को बाउंड्री के दूसरी ओर जेल के अंदर डालकर सरमन को फरार होने के लिए सहायता पहुंचाई थी। केंद्रीय जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे के अनुसार सरमन ने भागने में विफल होने पर पूछे जाने पर बताया था कि उसने दो बार रस्सी से चढऩे का प्रयास किया था तीसरे प्रयास में वह गिर गया था, जिससे उसकी कमर और हाथ पैरों में चोटें आईं थीं। उसे इस प्रयास के दौरान पकड़ लिया गया था।

जांच में पुलिस ने यह भी सिद्ध नहीं किया कि, जब आरोपी सरमन और सुरेंद्र की फोन पर बात होती थी तो उसकी कॉल डिटेल क्यों नहीं निकलवाई गई। अधीक्षक ने यह तो बताया था कि रतिभान ने सरमन को मोबाइल दिया, लेकिन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई तो इस संबंध में शिकायत में कहीं इस बात का जिक्र नहीं था।