
छत्तीसगढ़ के चक्रवातीय घेरे का प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के मौसम पर असर होगा
Cyclone and western disturbance spoiled MP weather ग्वालियर में कश्मीर की बर्फीली हवा से ठंडक लौट आई है। यहां अब 26 के बाद बादल छा सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 24 फरवरी को नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। ग्वालियर में इसका असर 26 फरवरी से दिखेगा। इधर छत्तीसगढ़ के चक्रवातीय घेरे का प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के मौसम पर असर होगा। इसके कारण मौसम विभाग ने प्रदेशभर में बरसात होने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके लिए अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का प्रदेश के मौसम पर 4 दिनों तक प्रभाव पड़ सकता है।
कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। इससे आसमान साफ हो गया है। किसानों की फसलों से ओलों का खतरा टल गया। हवा का रुख उत्तरी दिशा से होने से कश्मीर से बर्फीली ठंडक आना शुरू हो गई है। इससे दिन व रात का तापमान सामान्य से नीचे आ गया, ठंडक का अहसास हुआ।
अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण शहर सहित अंचल का मौसम बिगड़ गया था। गरज-चमक के साथ बारिश हुई। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई।
ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया था। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने से सर्दी भी घट गई थी, लेकिन अब अचानक
मौसम बदला है। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस कम
रहा। न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से 10.7
डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे रात में भी सर्दी बढ़ी है। मौसम
विभाग ने रात के तापमान में हल्की गिरावट के आसार जताए हैं।
एक्सपर्ट और मौसम केंद्र भोपाल के रडार प्रभारी डॉ वेदप्रकाश सिंह, बताते हैं कि छत्तीसगढ़ पर बना चक्रवातीय घेरा पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर आएगा।
इस चक्रवातीय घेरे का असर पूर्वी व दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर रहेगा।
गुना अशोकनगर का भी मौसम प्रभावित होगा। ग्वालियर-चंबल इलाकों के
जिलों में इसका ज्यादा असर नहीं है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार छत्तीसगढ़ के साइक्लोनिक घेरे का प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में असर होगा। इसके कारण 4 दिनों तक मौसम बिगड़ा रह सकता है। अधिकांश जगहों पर बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है।
Published on:
24 Feb 2024 08:42 am

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