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दौलतगंज, ट्रांसपोर्ट नगर और सदर बाजार सहित 7 क्षेत्रों में विसंगति दूर करने अधिकतम दर मंजूर

  गाइडलाइन की तैयारी -उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक - आवासीय क्षेत्रों में नहीं बढ़ेंगे दाम -आधी अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे पंजीयन विभाग के अधिकारी -

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Including Daulatganj, Transport Nagar and Sadar Bazar Accepted maximum rate to correct discrepancy in 7 areas

Including Daulatganj, Transport Nagar and Sadar BazarAccepted maximum rate to correct discrepancy in 7 areas

ग्वालियर। शहर में दौलतगंज, जंबूरखाना, फौजदारों का मोहल्ला, मुरार सदर बाजार, सिंहपुर रोड, सिरोल रोड और ट्रांसपोर्ट नगर में जमीन की दरों में विसंगति है। इन सात क्षेत्रों में से प्रत्येक में अब जमीन की अधिकतम दर को लागू किया जाएगा। इससे कलक्टर गाइडलाइन में एक ही क्षेत्र में जमीन की एकसमान कीमत रहेगी।
मंगलवार को उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में विसंगति को दूर करने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिय गया। इस दौरान सामने आया कि व्यवसायिक क्षेत्रों में सडक़ के दोनों ओर जमीन की अलग-अलग कीमतें हैं। इनको दूर किया जाना चाहिए, वहीं शहर के उन क्षेत्रों में गाइडलाइन बढ़ाई जाए जहां बाजार मूल्य सरकारी दर से अधिक है। बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा जाएगा। बैठक में एसडीएम सीबी प्रसाद सहित वृत-1 और 2 के उप पंजीयक मौजूद थे।

दौलतगंज : सडक़ के दूसरी
तरफ 20 हजार का अंतर

दौलतगंज में हनुमान मंदिर से मुख्य सडक़ के एक ओर गाइडलाइन एक लाख तीस हजार प्रति वर्गमीटर है, और दूसरी ओर एक लाख पचास हजार रुपए वर्गमीटर है। एक ही जगह कुछ फीट की दूरी पर दामों में 20 हजार रुपए की विसंगति को दूर कर नई गाइडलाइन में एक समान दर रखने का प्रस्ताव रखा गया है। इस क्षेत्र में डेढ़ लाख रुपए प्रति वर्गमीटर दर रखने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है।

लश्कर


-फौजदारों का मोहल्ला (दानाओली) में कुछ जगह 18,400 रुपए प्रति वर्गमीटर है, और कुछ जगह 21,600 रुपए वर्गमीटर गाइडलाइन है। अब पूरे क्षेत्र में 21,600 रुपए प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।
-जंबूरखाना (माधौगंज) में कुछ जगह 8000 रुपए प्रति वर्गमीटर है, और कुछ जगह 9600 रुपए प्रति वर्गमीटर गाइडलाइन है। पूरे क्षेत्र में 9600 रुपए प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।

मुरार


-सदर बाजार में कुछ जगह सडक़ की एक पट्टी पर गाइडलाइन 40,800 रुपए प्रति वर्गमीटर है, और दूसरी पट्टी पर 48,000 रुपए वर्गमीटर है। इस पूरे क्षेत्र में 48,000 रुपए वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।
-सिंहपुर रोड पर सडक़ किनारे कमर्शियल रेट हैं, जबकि अंदर बस्ती में आवासीय रेट हैं। पंजीयन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि सिंहपुर रोड के आसपास के पूरे क्षेत्र की गाइडलाइन एकसी कर दी जाए, इसे एसडीएम ने नकार दिया।

-सिरोल रोड पर कुछ जगह 8800 रुपए प्रति वर्गमीटर है, और कुछ जगह 12,800 रुपए वर्गमीटर गाइडलाइन है। पूरे क्षेत्र में 12,800 रुपए वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है।

ग्वालियर


-ट्रांसपोर्ट नगर की सभी साइटों पर कलेक्टर गाइडलाइन अलग-अलग है। इस व्यावसायिक क्षेत्र में आवासीय हिस्सा न के बराबर है, अब पूरे क्षेत्र को कमर्शियल की श्रेणी में लेकर एकसी गाइडलाइन की जाएगी। कुछ ब्लॉक में 6800 रुपए प्रति वर्गमीटर है, और कुछ जगह 11,200 रुपए वर्गमीटर है। अब 11,200 रुपए वर्गमीटर का प्रस्ताव है।

आमजन के लिए राहत


-नए प्रस्तावों में आवासीय क्षेत्रों में दाम बढ़ाने पर ज्यादा विचार नहीं किया गया है। फ्लैट-मकान और प्लॉट की गाइडलाइन पर असर नहीं होगा।

-कुछ पॉश इलाकों में मल्टीस्टोरी, डुप्लेक्स, भूखंडों के दामों में वृद्धि हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है जहां पंजीयन अधिक हुए हैं।

- जिन क्षेत्रों में गाइडलाइन की दर से ज्यादा में जमीन की बिक्री हुई है। उनकी दरों पर भी पुनर्विचार किया जाएगा।

9 नई लोकेशन शामिल


कुछ दिन पूर्व डबरा में हुई उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में एसडीएम राघवेन्द्र पांडेय की मौजूदगी में शहर की नौ नई लोकेशन शामिल करने पर सहमति बनी थी। जबकि भितरवार की उप मूल्यांकन समिति में गाइडलाइन में बढ़ोतरी नहीं करने का प्रस्ताव आया है।

20 नए स्थानों का रखा प्रस्ताव, एसडीएम ने वापस किया

बैठक में वरिष्ठ सब रजिस्ट्रार अरोरा, सब रजिस्ट्रार संजय सिंह, प्रशांत साहू ने एसडीएम को शहर के 20 स्थानों को नई लोकेशन के रूप में शामिल करने के लिए प्रस्ताव रखा। इसकी लिस्ट सब रजिस्ट्रार ने आगे बढ़ाई तो एसडीएम ने वापस करते हुए पूछा कि नए स्थानों को जोडऩे के लिए कारण क्या रखे हैं। इसका अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। एसडीएम प्रसाद ने कहा कि पहले तो सुधार क्यों करना है, इसकी व्याख्या करके लाओ, तब विचार किया जा सकेगा। आधी-अधूरी जानकारी से असमंजस की स्थिति बनेगी। लोकेशन के प्रस्ताव अब सीधे जिला मूल्यांकन समिति में ही रखे जाएंगे।

शहरी क्षेत्र में पूर्व की तरह

-शहरी क्षेत्र की गाइडलाइन लगभग पूर्व की तरह ही रखने पर सहमति बनी है। कुछ नए क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव आया था, जिसे आगे बढ़ा दिया है। गाइडलाइन पर करीब 60 फीसदी काम हो चुका है, जिन क्षेत्रों में दरों की असमानता थी, उसे दूर करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है।

सीबी प्रसाद, एसडीएम एवं अध्यक्ष-उप जिला मूल्यांकन समिति नगर निगम क्षेत्र