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अपील का असर: कम होने लगी सोने-चांदी की खपत, महिलाएं बोलीं- जरूरत और शादी के लिए ही खरीदेंगे

पीएम नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की सोना न खरीदने की अपील का असर सराफा बाजार में दिखने लगा। रविवार को की गई इस अपील के बाद मंगलवार तक तीन दिनों में ही ग्राहकों की संख्या

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ग्वालियर. पीएम नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की सोना न खरीदने की अपील का असर सराफा बाजार में दिखने लगा। रविवार को की गई इस अपील के बाद मंगलवार तक तीन दिनों में ही ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे सोना-चांदी व्यापारियों की ङ्क्षचताएं बढ़ गई हैं। जहां पहले शहर में एक दिन में करीब 5 किलो सोने की खपत थी, जो अब घटती जा रही है। यह दोहरी मार शादियों के सीजन और पहले से कमजोर बिक्री के चलते व्यापारियों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

एक्सपर्ट बोले- रीसाइङ्क्षक्लग सिस्टम ही है समाधान, पेट्रोल-डीजल पर बेअसर दिखी अपील

पीएम की इस अपील का सीधा असर न केवल सराफा कारोबारियों, बल्कि ज्वैलरी बनाने वाली फैक्ट्रियों और शोरूम के कर्मचारियों व कारीगरों की रोजी-रोटी पर भी पड़ रहा है। लश्कर, उपनगर ग्वालियर और मुरार के सराफा बाजारों में 800 से अधिक सराफा कारोबारी हैं, जिनके व्यापार में आई इस गिरावट का सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ेगा।
पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सोना-चांदी व्यवसाय संघ लश्कर का कहना है, अपील का असर दिखने लगा है। ग्राहक अब सोना खरीदने से कतरा रहे हैं। अगर नए गहनों की बिक्री रुकेगी, तो हमें गोल्ड रीसाइङ्क्षक्लग सिस्टम को बढ़ावा देना होगा। लोग पुराने गहनों को रीडिजाइन करवा सकते हैं, सिर्फ मेङ्क्षकग चार्ज देकर। निश्चित तौर पर बिक्री घटकर 1 किलो प्रतिदिन रह जाएगी।

एक दिन में सोना 7 हजार रुपए महंगा

बुधवार को स्थानीय सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। एक ही दिन में पक्की चांदी के भाव 20 हजार रुपए प्रति किलो बढ़ गए। वहीं 24 कैरेट का स्टेंडर्ड सोना 7 हजार रुपए प्रति दस ग्राम महंगा हो गया। अचानक आ रही इस तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ आम ग्राहकों को भी चौंका दिया है।

एक दिन में सोना और चांदी के बढ़ते हुए दाम

दिन--------------सोना--------------चांदी
मंगलवार--------------1,52,500--------------2,68,000
बुधवार--------------1,59,500--------------2,88,000

निवेश पर लगेगी लगाम, परंपरा को मिलेगी •ारूरत की प्राथमिकता

महिलाओं के बीच भी पीएम की अपील चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, सोने को सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा का हिस्सा मानने वाली महिलाएं जरूरत और पारंपरिक खरीदारी जारी रखने की बात कह रही हैं।

  • निवेश छोड़ेंगे, जरूरत पूरी करेंगे: अनीता ङ्क्षसह, निवासी श्रुति एन्क्लेव, कहती हैं, सोना मेरा शौक और निवेश है। मैं पहले की तरह खरीदती रहूंगी क्योंकि यह हमारी परंपरा का हिस्सा है।
  • शादी-विवाह की प्राथमिकता: सुमन गोयल, निवासी तानसेन नगर, का कहना है, पीएम की अपील का सम्मान करते हुए मैं अब सोना निवेश के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ जरूरत और शादी-विवाह जैसे पारिवारिक आयोजनों के लिए ही खरीदूंगी।

जीएसटी और आयकर पर भी असर, एक ग्राहक, 6 परिवार

जवाहर जैन, अध्यक्ष, सराफा संघ उपनगर ग्वालियर, ने ङ्क्षचता जताई कि सोने की बिक्री में गिरावट से सरकार को मिलने वाले जीएसटी और आयकर राजस्व पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है, पहले उन सरकारी योजनाओं को बंद किया जाना चाहिए, जो सोना आयात को बढ़ावा देती हैं, उसके बाद ऐसी अपील पर अमल का कोई मतलब है। हमारे बाजार में एक ग्राहक के न आने से सीधा असर 6 परिवारों पर पड़ता है - सोना व्यापारी, कारीगर, पॉलिश करने वाले, कुंदन-स्टोन लगाने वाले, सेल्समैन से लेकर डिलीवरी बॉय तक। व्यापार में गिरावट से सभी के लिए जीवित रहना मुश्किल होगा।

पेट्रोल-डीजल पर बेअसर अपील

जहां सोने की खरीदारी पर अपील का असर दिख रहा है, वहीं ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील का ग्वालियरवासियों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। ग्वालियर डिस्ट्रिक्ट पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अमित सेठी ने बताया कि अपील पर चर्चा तो हो रही है, लेकिन रोजाना डीजल की खपत साढ़े छह लाख लीटर और पेट्रोल की खपत पांच लाख लीटर बनी हुई है।