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खतरनाक हुआ डेंगू, नहीं बचे बेड, जमीन पर हो रहा बच्चों का इलाज

Dengue became dangerous, no beds left

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ग्वालियर. मध्यप्रदेश में डेंगू का खौफ कम नहीं हो रहा है बल्कि यह ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है. ग्वालियर-चंबल अंचल में तो डेंगू सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है. यहां बुधवार को डेंगू के 76 केस मिले जिनमें से 71 ग्वालियर के ही मरीज हैं। हैरत की बात यह है कि 71 में से 60 मरीजों की उम्र 18 साल से कम है। हाल ये है कि मरीजों को भर्ती कराने बेड नहीं मिल रहे हैं.

अस्पताल में नहीं मिल रहे बेड
इसी के साथ ग्वालियर में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 2224 पर पहुंच गई है। डेंगू के बढ़ते मरीज अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए नई मुसीबत बन चुके हैं। शहर में डेंगू के तेजी से बढ़ते केस के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं ध्वस्त हो गई हैं. हाल ये है कि शहर के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कराने के लिए बेड कम पड़ गए हैं.

और तो और अंचल के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल में भी बेड नहीं मिले रहे हैं। यहां बच्चों को जमीन पर लेटाकर इलाज कराने की नौबत आ चुकी है. एक-एक बेड पर दो से तीन तक बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैैं। हालांकि हालातों को देखते हुए जयारोग्य चिकित्सालय (JAH) के साथ ही जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए बेड बढ़ाए गए हैं, लेकिन वे भी कम पड़ रहे हैं.

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फोगिंग के बाद भी पनप रहा रोग
डॉक्टरों का कहना था कि तेज सर्दी का मौसम आते ही डेंगू खुद ब खुद कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टे डेंगू के मरीज लगातार बढ़रहे हैं। इसके बाद भी लगता है अधिकारी डेंगू को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. शायद यही कारण है कि यह जानलेवा रोग काबू में नहीं आ रहा। शहर में कई बार फोगिंग की गई है, लेकिन हालात नहीं सुधरे. कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी हालात काबू में नहीं आ रहे हैं।