
पेड़ से लेकर पाइप तक सब कुछ होगा ऑनलाइन
ग्वालियर. नगर निगम अब शहर के पार्कों को सिर्फ हरा-भरा रखने तक सीमित नहीं रखना चाहता। उन्हें डिजिटल पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। शहर के करीब 250 पार्कों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस पहल के बाद ग्वालियर का हर पार्क केवल सैर-सपाटे की जगह नहीं, बल्कि डेटा-संपन्न ग्रीन जोन बन जाएगा। डिजिटल मैनिंग के जरिए हर पार्क में मौजूद पेड़ों की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। किस पार्क में कितने पेड़ हैं, कौन-सी प्रजाति के हैं, कितने छायादार, फलदार या औषधीय पेड़ मौजूद हैं—यह सब कुछ अब एक क्लिक पर देखा जा सकेगा।
पेड़ से लेकर पाइप तक सब कुछ होगा ऑनलाइन
डिजिटल पार्क प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ हरियाली ही नहीं, बल्कि पार्क की हर बुनियादी सुविधा को भी डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इसमें पानी की सप्लाई और सीवर लाइन, मोटर और उसकी क्षमता, ङ्क्षसचाई व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम, बेंच, ओपन जिम, बच्चों के खेल उपकरण और प्ले स्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे यह साफ हो जाएगा कि किसी पार्क में सुविधाएं वास्तव में मौजूद हैं या केवल कागजों में।
लापरवाही पर लगाम
नए सिस्टम रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। पार्क में मोटर, पानी या लाइटें बंद हैं, तो संबंधित विभाग को तुरंत डिजिटल अलर्ट मिलेगा। इससे शिकायतों का समाधान होगा और लापरवाहों की जवाबदेही तय होगी।
पहले चरण में 99 पार्क होंगे डिजिटल
नोडल अधिकारी मुकेश बंसल के अनुसार, पहले चरण में 100 पार्कों की डिजिटल मैङ्क्षपग की जाएगी। इसके बाद शेष पार्कों को शामिल किया जाएगा। प्रोजेक्ट पर 15 से 20 लाख रुपए खर्च होंगे। इसकी शुरुआत ठेके पर दिए 13 पार्कों से होगी। डिजिटल पार्क डेटा का उपयोग नए पार्क विकसित करने, पुराने पार्कों के उन्नयन और हरियाली बढ़ाने की रणनीति में किया जाएगा। यह पहल स्मार्ट सिटी और ग्रीन सिटी जैसी योजनाओं के लिए भी मजबूत आधार बनेगी।
सुविधा रहेगी
प्रथम चरण में 99 पार्कों की डिजिटल मैपिंग कराई जाएगी। इसके बाद अन्य पार्कों को भी इसी तरह डिजिटल किया जाएगा। इससे पार्कों के रखरखाव सहित अन्य कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।
Updated on:
20 Jan 2026 06:24 pm
Published on:
20 Jan 2026 06:23 pm
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