ग्वालियर

महापौर का घेराव कर साढ़े तीन घंटे जताया विरोध, महापौर, सभापति, पार्षद व अधिकारियों के खिलाफ की नारेबाजी

निगम के विनियमित व आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर साढ़े तीन घंटे तक परिषद परिसर में जमकर हंगामा किया

2 min read
Sep 30, 2023
महापौर का घेराव कर साढ़े तीन घंटे जताया विरोध, महापौर, सभापति, पार्षद व अधिकारियों के खिलाफ की नारेबाजी

ग्वालियर। नगर निगम के विनियमित व आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर साढ़े तीन घंटे तक परिषद परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान कर्मचारियों ने महापौर-सभापति का घेराव भी किया। लेकिन महापौर द्वारा एमआईसी से प्रस्ताव पास कर परिषद की ओर भेजे जाने की बात कही तो कर्मचारियों ने उन्हें गाड़ी से जाने दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने गेट को बंद कर जलविहार परिसर में जमीन पर बैठकर हंगामा जताया और अधिकारी, महापौर, सभापति के खिलाफ नारेबाजी भी।

इस दौरान सभापति, सभी पार्षद व अधिकारी परिसर से बाहर नहीं जा पाए। मांगों को लेकर विनियमित कर्मचारियों का कहना था कि हमें नियमित किया जाए और छटवे-सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है और आउटसोर्स प्रथा को खत्म कर संविलियन किया। वहीं सभापति मनोज तोमर व नेता प्रतिपक्ष हरीपाल ने उन्हें समझाते हुए कहा कि यह एजेंडा अभी परिषद में नहीं आया है तीन अक्टूबर को उसे पटल पर लाकर चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

लेकिन कर्मचारी नहीं माने और तत्काल परिषद बुलाने व शनिवार से हडताल पर जाने की चेतावनी देते रहे। बाद में पांच कर्मचारियों को बुलाकर नेता प्रतिपक्ष हरीपाल के चेंबर में चर्चा कर तीन अक्टूबर को परिषद से यह प्रस्ताव पास कराकर भोपाल भेजे जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बाहर आकर जब सभापति ने कर्मचारियों से यह बात कही तो वह मानने को तैयार नहीं थे। बाद में साढ़े छह बजे सभापति, नेता प्रतिपक्ष व सभी पार्षद घर जाने लगे तो कर्मचारियों ने एक बार फिर उन्हें घेर लिया। जिस पर सभापति, नेता प्रतिपक्ष ने तीन अक्टूबर को सदन में कर्मचारियों के बिंदू पर सबसे पहले चर्चा करने का आश्वसन दिया तो सभी कर्मचारी मान गए और अपने-अपने घर के लिए रवाना हुए। विरोध प्रदर्शन में विष्णु दत्त शर्मा, जलज पराशर, विनीत त्रिपाठी, मुकेश पाल, संदीप शर्मा, प्रशांत शर्मा, मनीष चौहान, धमेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

परिषद शुरू होने से ही जमा होने लगी थी भीड़

शुक्रवार दोपहर ढाई बजे से ही कर्मचारी परिषद पहुंचने लगे थे। जैसे ही परिषद शुरू हुई तो देखते ही देखते कर्मचारियों की संख्या लगभग दो हजार से अधिक हो गई और मांगों को लेकर सभी कर्मचारियों ने गेट बंद कर पूरे परिसर में जमीन पर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों को समझाने पहुंचे पार्षद मोहित जाट भी उनके साथ जमीन पर बैठ गए। हालांकि कर्मचारियों ने उनकी बात नहीं मानी,वहीं सभापति,नेता प्रतिपक्ष व अन्य पार्षद भी पहुंचे, लेकिन फिर भी कर्मचारी नहीं माने।


पीछे वाले गेट से निकले अधिकारी,फंसी रही गाड़ी
मांगों को लेकर विरोध जता रहे कर्मचारियों द्वारा गेट बंद किए जाने से अधिकतर अधिकारी व उनकी गाड़ी परिसर में ही फंस गई। कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता देख अधिकारी पीछे वाले गेट से और कुछ आगे वाले गेट से दूसरी गाडिय़ों की मदद से मुख्यालय के लिए रवाना हुए। वहीं जिस गाड़ी से वह आए थे वह शाम साढ़े छह बजे के बाद ही निकल पाई।

Published on:
30 Sept 2023 12:25 pm
Also Read
View All

अगली खबर