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एकता परिषद जन आंदोलन: न शोर किया, न तोडफ़ोड़, शहर को आंदोलन का सलीका सिखा गए 27 हजार सत्याग्रही

एकता परिषद जन आंदोलन: न शोर किया, न तोडफ़ोड़, शहर को आंदोलन का सलीका सिखा गए 27 हजार सत्याग्रही

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ekta parishad ki jan andolan yatra

एकता परिषद जन आंदोलन: न शोर किया, न तोडफ़ोड़, शहर को आंदोलन का सलीका सिखा गए 27 हजार सत्याग्रही

ग्वालियर। भूमि अधिकार की मांग को लेकर देश के अलग-अलग प्रांतों से आकर दो दिन-दो रात मेला मैदान में डेरा डाले रहे 27 हजार भूमिहीन सत्याग्रही शहर को आंदोलन का सलीका सिखा गए हैं। इन सत्याग्रहियों ने न तो कोई अनर्गल शोर किया, न ही कोई तोडफ़ोड़ की, फिर भी अपनी मांगों को इतनी जोरदारी से रखा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार के राज्यमंत्री सहित दिग्गजों को उनके बीच उन्हें मनाने आना पड़ा।

गुरुवार को शहर से दिल्ली की तरफ कूच करने वाले सत्याग्रहियों ने दूसरे दिन शुक्रवार को नूराबाद के पास टेकरी पर पड़ाव किया। पांच किलोमीटर लंबी रैली पदयात्रा के दौरान कहीं भी अनुशासनहीनता देखने में नहीं आई है, यह एक बड़ी बात है। एकता परिषद के इस जन आंदोलन से शहर के राजनीतिक दल व सामाजिक संगठनों को सीख लेने की जरूरत है।

शहर में बीते दिनों में हुए आंदोलनों के दौरान तोडफ़ोड़ की घटनाएं हुई, बाजार बंद एवं कफ्र्यू के हालत बने, जबकि इन आंदोलनों में कुछ सैकड़ा लोगों ने ही हिस्सा लिया था, वहीं एकता परिषद के जन आंदोलन में देश के अलग-अलग हिस्से से 27 हजार लोग एकत्रित हुए हैं, इनमें अधिकांश लोग किसान व मेहतनकश हैं। इनके आंदोलन को देखते हुए प्रदेश व केंद्र सरकार के नेता बार-बार बातचीत करके आंदोलन रोकने की बात कह रहे हैं।

केन्द्र सरकार का यात्रा रोकने दबाव, लेकिन जारी रहेगी: राजगोपाल
एकता परिषद के संस्थापक एवं जन आंदोलन के नेता राजगोपाल पीवी ने पत्रिका से बातचीत के दौरान शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार जन आंदोलन यात्रा को देखकर घबरा रही है। केंद्र सरकार के मंत्री लगातार यात्रा रोकने के लिए कह रहे हैं, लेकिन यात्रा जारी रहेगी। यात्रा का दूसरे दिन पड़ाव नूराबाद के पास टेकरी पर रहा। टेकरी से 6 अक्टूबर को यात्रा मुरैना पहुंचेगी। मुरैना में कांग्रेस पाटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सत्याग्रहियों से मुलाकात करेंगे।

फैक्ट फाइल

1. मार्च में अजाक्स द्वारा फूलबाग पर प्रदर्शन करते हुए वाहन चालकों से मारपीट की गई।
2 अप्रैल को एससी-एसटी वर्ग द्वारा एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद शहर में तोडफ़ोड़ की गई, गोलियां चलाई गईं।
3.अगस्त में पूर्व विधायक प्रद्युम्नङ्क्षसह तोमर के आंदोलन के दौरान पुलिस बल को राजा मानसिंह तोमर चौराहा पर सख्ती दिखानी पड़ी।