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बिगड़ रहे हालात: स्नेहालय से भागने की जिद पर अड़ी किशोरी ने की फांसी लगाने की कोशिश

बिगड़ रहे हालात: स्नेहालय से भागने की जिद पर अड़ी किशोरी ने की फांसी लगाने की कोशिश

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girl attempt suicide in snehalaya shelter home

बिगड़ रहे हालात: स्नेहालय से भागने की जिद पर अड़ी किशोरी ने की फांसी लगाने की कोशिश

ग्वालियर। शेल्टर होम स्नेहालय में मूक बधिर युवती से ज्यादती का मामला उजागर होने के बाद यहां रहने वाले दिव्यांगों के हालात निरंतर बिगड़ रहे हैं। बुधवार को एक दिव्यांग किशोरी द्वारा अपने कॉटेज में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश करने से हडक़ंप मच गया। शेल्टर होम से बाहर जाने की जिद पर अड़ी किशोरी को किसी तरह बहलाकर स्नेहालय के कर्मचारियों ने कॉटेज का दरवाजा खुलवाया और हाथ-पैर बांधकर उसे काबू में किया।

बताया जा रहा है मंगलवार को शेल्टर होम में पुलिस सीवर चैंबर में गुनाहों के सबूत खंगालने गई तब इस दिव्यांग किशोरी ने यहां से भागने की कोशिश की थी। उस वक्त शेल्टर होम के स्टाफ और उसके साथियों ने उसे पकड़ लिया और कॉटेज में ले गए, रात में उसे निगरानी में रखा। सुबह वह फिर यहां से जाने की जिद पर अड़ गई। दोपहर में जब बाकी लोग खाना लेने हॉल में गए, तब उसने साफी का फंदा बनाकर गले में डाल लिया, खाना लेकर लौटे साथियों को कॉटेज का दरवाजा बंद मिला तो उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन गेट नहीं खुला तो हो हल्ला मचा। स्टाफ के लोगों ने खिडक़ी से झांका तो लडक़ी साफी का फंदा गले में डालकर खड़ी थी। उसे काबू में करने के लिए स्टाफ ने वादा किया कि वह जहां जाना चाहती है, वहां ले जाएंगे। किसी तरह दरवाजा खुलवाकर उसे पकड़ा। वह दोबारा ऐसा नहीं करे, इसलिए साथियों ने उसके हाथ पैर बांध दिए। स्टाफ के मुताबिक यह किशोरी कुछ समय पहले भी फांसी लगाने की कोशिश कर चुकी है।

समाजसेवी संस्था ने पहुंचाई दाल-रोटी
स्नेहालय में हर दिन खाने-पीने के सामान की किल्लत बढ़ती जा रही है। बुधवार को सरकारी राहत के नाम पर सिर्फ गैस सिलेंडर भेजा गया है। स्टाफ का कहना है कि महिला बाल विकास और प्रशासन के अधिकारियों को बता चुके हैं, हर दिन दो वक्त 70 लोगों का खाना पकता है, राशन लगभग खत्म हो चुका है, सामान की सूची भी उन्हें थमा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। दोपहर बाद समाजसेवी संस्था के लोग दो किलो दाल, कुछ हरी सब्जियां और रोटियां लेकर आए थे।

महिला डॉक्टर को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
स्नेहालय में मूक बधिर से बलात्कार और उसका गर्भपात कराकर भ्रूण को जलाने की वारदात का राज छिपाने वाली महिला चिकित्सक डॉ.पुष्पा मिश्रा को पुलिस पांच दिन बाद भी नहीं ढूंढ सकी है। वह शेल्टर होम में लंबे अर्से से पदस्थ थी, उसे यहां की हर कारगुजारी की जानकारी है। उसके पकड़े जाने पर शेल्टर होम के कई राज सामने आ सकते हैं।

डॉक्टर को रिमांड पर ले सकती है पुलिस
स्नेहालय को विदेश से कौन लोग पैसा भेजते थे, रकम मास्टरमाइंड डॉ.वीके शर्मा के किन बैंक खातों में आती थी, उसका किन लोगों से ताल्लुक था, इसके साथ उसके मोबाइल की कॉल डिटेल को लेकर भी पुलिस चुप है। बिलौआ टीआइ अमित सिंह भदौरिया के मुताबिक शेल्टर होम में काम करने वालों से भी इस बारे में पूछताछ की जा रही है। इंवेस्टीगेशन में जरूरत पडऩे पर मास्टरमाइंड डॉ.शर्मा और उसकी लिव इन पार्टनर भावना को जेल से निकलवा कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।