20 साल के लिए बनाया गया है प्लान, पहले चरण में खर्च होंगे 5000 करोड़
ग्वालियर। साल-2042 में शहर के 660 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 25 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर बनाए गए कम्प्रेहैन्सिव मोबिलिटी प्लान (शहर में आवागमन सुचारु करने की योजना) की रिपोर्ट शासन को सबमिट की जा चुकी है। ग्वालियर प्रदेश में पहला शहर है, जिसने सबसे पहले यह रिपोर्ट सबमिट की है। मोबिलिटी प्लान को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, संभागीय आयुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में निगमायुक्त ने बताया कि कम्प्रेहैन्सिव मोबिलिटी प्लान में आने वाले 20 सालों में 15180 करोड़ रुपए खर्च किए जांएगे। इसके प्रथम फेज में 5000 करोड़ रुपए खर्च कर सीएनजी व इलेक्ट्रिक 200 बसें शहर में चलाई जाएंगी और तीन फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। जबकि 20 साल में 19 फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। इस दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि वह दूसरे चरण का सर्वे कराएं और उसमें 4000 करोड़ रुपए का बजट रखें। इससे अन्य कार्य जल्द पूरे हो सकें।
20 साल में अलग-अलग प्लान पर इतने खर्च
20 साल के लिए बनाए गए मोबिलिटी प्लान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर 8548 करोड़, रोड नेटवर्क पर 4324 करोड़ व नॉन मोटराइज ट्रांसपोर्ट प्लान पर 1510, फ्रेड मैनेजमेंट प्लान पर 270 और ट्रैवल डिमांड मैनेजमेंट पर 450 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
होंगे ये काम
● 257 किमी की नई सड़कें बनाई जाएंगी।
● 200 सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
● 03 रिंग रोड बनाई जाएंगी
● 19 फ्लाई ओवर व अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे।
● 33 जक्शन बनाए जाएंगे।
● 18 पार्किंग बनेंगी।