
ग्वालियर झांसी रोड पर निर्माण कार्य के चलते उड़ती धूल। (patrika photo)
नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियरों की जुगलबंदी आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गई है
शहर के विकास के नाम पर नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियरों की जुगलबंदी आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गई है। करोड़ों की लागत से बन रही व्हाइट टॉपिंग सड़कों की सुस्त रफ्तार ने शहर के प्रमुख मार्गों को धूल के गुबार और गड्ढों में तब्दील कर दिया है। स्थिति यह है कि सचिन तेंदुलकर मार्ग वीसी बंगले से सिरौल और विक्की फैक्ट्री से एजी ऑफिस तक का सफर अब किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। यहां दिनभर उड़ती धलू और सडक़ों पर छोटे-बड़े गडढों से आमजन काफी परेशान है और कई लोगों तो दो से तीन किमी का चक्कर लगाने को मजबूर है।
चार प्रमुख सड़कें: करोड़ों का बजट, फिर भी जनता बेहाल
कैंपस और पॉश इलाकों को जोड़ने वाली ये सड़कें वर्तमान में विभाग की लापरवाही का प्रमाण बनी हुई हैं
विक्की फैक्ट्री से एजी ऑफिस पुल (पीडब्ल्यूडी): 16 करोड़ की लागत से बनने वाली इस फोरलेन व्हाइट टॉपिंग रोड की समय सीमा 31 जुलाई है। वर्तमान में काम बंद पड़ा है, जिससे झांसी रोड थाने के पास ट्रैफिक रेंग रहा है। वर्तमान में काम की गति धीमी है और काम बीच में बंद भी पड़ा हुआ है। हालांकि अफसरों का कहना है कि आज से काम शुरू हो जाएगा।
न्यू कलेक्ट्रेट से अलापुर तिराहा: 6.5 करोड़ की इस सड़क पर धूल का राज है। मानसून आने को है, लेकिन सड़क का निर्माण अधूरा है। बारिश शुरू होते ही यह धूल कीचड़ के दलदल में बदल जाएगी।
कुलगुरु बंगला से सिरौल चौराहा (स्मार्ट सिटी): स्मार्ट सिटी द्वारा 7.13 करोड़ की लागत से बनाई जा रही इस फोरलेन सड़क को इंजीनियरों ने खोदकर छोड़ दिया है। धूल और गड्ढों के कारण लोगों को 2 से 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पड़ाव से फूलबाग होकर नदी गेट तक एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के चलते सडक़ पर बीच-बीच में काफी गड्ढे बने हुए है। यहां निगम ने डामर जरूर डाल दिया है, लेकिन वह कहीं डला है तो कहीं नही। वर्तमान स्थिति यह है कि उड़ती धूल से पब्लिक खासी परेशान है।
पीएचई की लाइन शिफ्टिंग के कारण झांसी रोड थाने के पास काम रुका था, जो आज से शुरू हो जाएगा। हमारी कोशिश है कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा कर लिया जाए।
देवेंद्र भदौरिया, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी
सचिन तेंदुलकर मार्ग का मैं स्वयं निरीक्षण कर रहा हूँ। यदि इंजीनियरों की लापरवाही सामने आई, तो सीधी कार्रवाई की जाएगी। धूल को रोकने के लिए तत्काल पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम
Published on:
12 May 2026 12:29 pm
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