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ग्वालियर की हवा ने तोड़ा तीन साल का रिकॉर्ड, पहली बार एक्यूआई भोपाल और इंदौर से नीचे

ग्वालियर. लगातार प्रदूषण के लिए बदनाम रहने वाले ग्वालियर के लिए फरवरी माह ने राहत भरी खबर दी है। बीते तीन साल में पहली बार फरवरी महीने में ग्वालियर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर से भी बेहतर दर्ज किया गया है। जबकि प्रदेश के छोटे शहर भी […]

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ग्वालियर. लगातार प्रदूषण के लिए बदनाम रहने वाले ग्वालियर के लिए फरवरी माह ने राहत भरी खबर दी है। बीते तीन साल में पहली बार फरवरी महीने में ग्वालियर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर से भी बेहतर दर्ज किया गया है। जबकि प्रदेश के छोटे शहर भी एक्यूआई में टॉप पर बने हुए है और वहां पर प्रदूषण काफी है। यह आकंड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर दर्ज है। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हालिया बारिश और मौसम साफ होने के चलते ग्वालियर की हवा में उल्लेखनीय सुधार आया है। जबकि हर साल फरवरी में ग्वालियर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शुमार रहता था, वहीं इस बार स्थिति उलट गई है।

तीन साल से फरवरी में टॉप पर रहता था प्रदूषण

गौरतलब है कि ग्वालियर बीते तीन वर्षों से फरवरी माह में लगातार उच्च प्रदूषण स्तर के कारण सुर्खियों में रहा है। कई बार शहर का आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका है और इसे नॉन-अटेनमेंट सिटी भी घोषित किया जा चुका है।

प्रदेश के बड़े शहरों से बेहतर रहा ग्वालियर

ङ्क्षसगरौली 313
रतलाम 160
उज्जैन 158
कटनी 121
इंदौर 112
जबलपुर 100
भोपाल 99
सागर 76
ग्वालियर 69
नोट : यह आंकड़ें प्रदूषण बोर्ड के समीर ऐप से लिए गए हैं।

कायम राहत स्थायी या क्षणिक

हालांकि यह सुधार ग्वालियर के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है क्या यह सुधार स्थायी होगा या सिर्फ मौसम की मेहरबानी क्या प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन स्थायी कदम उठाएगा। फिलहाल ग्वालियर की हवा ने लोगों को सांस लेने का मौका जरूर दिया है, लेकिन असली परीक्षा आने वाले दिनों में होगी।

बीते तीन साल में फरवरी का रिकॉर्ड

2023- 120
2024- 152
2025- 102
2026- 72

मौसम साफ होने से प्रदूषण कणों का स्तर कम

विशेषज्ञ प्रोफेसर सुयश कुमार ने बताया कि हाल में हुई बारिश, हवा की गति बढऩे और मौसम साफ रहने से धूल व प्रदूषक कणों का स्तर कम हुआ, जिससे एक्यूआई में में तेजी से सुधार दर्ज किया गया। जबकि बीते तीन सालों में देखे तो फरवरी में एक्यूआई 100 से 200 के बीच ही रहा है।

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