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वाटरफॉल्स या पिकनिक स्पॉट प्रशासन के लिए बने हॉट इश्यू

पिकनिक मनाने वालों में सर्वाधिक युवा होते हैं। ये दोस्तों के साथ मौजमस्ती करते हैं। यहां सुरक्षा के नाम पर कोई नहीं रहता।

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वाटरफॉल्स या पिकनिक स्पॉट प्रशासन के लिए बने हॉट इश्यू

ग्वालियर. प्रदेश में बारिश का मौसम आते ही लोग आउटिंग और पिकनिक मनाने के लिए प्लान करते हैं। वाटरफॉल अगर कहीं है तो फिर आउटिंग का मजा ही कुछ ओर है। पहाड़ों से गिरते झरने के नीचे मौज मस्ती हर कोई करना चाहता है लेकिन अगर यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न हों तो यहां हादसे होने का डर रहता हैं। शहर के आसपास भी कई एेसे पिकनिक स्पॉट हैं सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है जिसके कारण यहां हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने इन स्पॉट पर सुरक्षा के कोई भी प्रबंध नहीं किए हैं। बारिश के बाद शहर के आसपास कई एेसे स्पॉट हैं जहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है।

शहर से करीब 60 किमी दूर स्थित भदावना पिकनिक स्पॉट है। बारिश के समय यहां पहाड़ों से झरना गिरता है। झरना की ऊंजाई करीब 200 फीट है। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण बहाव बहुत तेज रहता है। पानी झरने के नीचे बने एक कुंड में गिरता है लेकिन जब बारिश अधिक होती है तो झरना काफी तेज हो जाता है और इसके नीचे नहाना खतरनाक हो जाता है। विगत वर्ष बारिश के समय यहां नहा रहे युवा बह गए थे जिसमें से २ की मौत हो गई थी। यहां सुरक्षा के नाम पर पुलिस चौकी बनी है लेकिन ये लोग किसी को रोकते टोकते नहीं है। यही कारण है कि युवा मौज मस्ती के चक्कर में जान जाखिम में डालते हैं।

केस-1
सुल्तानगढ़ में 15 अगस्त को हुए हादसे में 12 से अधिक लोग लापता हो गए थे जिनमें से दस के शव मिल सके हैं। बाकी के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।

केस-2
मुरार के खुरैरी गांव में 17 अगस्त को ४५ फीट गहरे तालाब के पानी से भरे गड्ढे में नहाने गए दो सगे भाइयों सहित तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई। वाटरफॉल्स या पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा शहर का हॉट इश्यू बना हुआ है।

केस-3
सिंगरौली. गंभीरा तालाब में 17 अगस्त को नहाने गए तीन सगे भाई समेत चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों को पानी में डूबता देख पास ही के मंदिर में पूजा कर रही एक महिला ने मदद की गुहार लगाई। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।

नशे मे हो जाते हैं हादसे
पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं रहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग बिना किसी रोकटोक के कुछ भी करते हैं। एकांत होने के कारण यहां आने वाले लोग खुलेआम नशा करते हैं। कई बार नशे में धुत लोग यहां आने वाली महिलाओं के साथ भी अभद्रता करते हैं लेकिन इन पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं होता। आलम ये है कि शराब की पार्टी चलती हैं। जिससे हादसों की संख्या बढ़ जाती है।
सुरक्षा के लिए नहीं रहते कोई इंतजाम
शहर से करीब 50 किमी दूर सुल्तानगढ़ वाटरफॉल जंगल में स्थित है। यहां का पहुंच मार्ग भी बहुत खराब है। फिर भी बारिश के समय यहां हजारों की तदात में सैलानी पहुंचते हैं। यहां पिकनिक मनाने वालों में सर्वाधिक युवा होते हैं। ये दोस्तों के साथ मौजमस्ती करते हैं। यहां सुरक्षा के नाम पर कोई नहीं रहता। लोगों का जहां मन करता है वहां पहुंच जाते हैं। गत दिवस भी यहां कुछ एेसा ही हुआ। पहाड़ी के ऊपर ही सैकड़ों लोग मौज मस्ती कर रहे थे तभी पानी का बहाव तेज हो गया और लोग इसमें फंस गए।


- सुल्तानगढ़ पिकनिक स्पॉट पर जो घटना हुई उसके बाद जिले के सभी प्रमुख पिकनिक स्पॉट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। यहां सैलानियों के साथ किसी प्रकार की घटना न हो इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। तिघरा पर फोर्स रोजाना रहता है लेकिन रविवार को अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के लिए कहा है। पिकनिक पर नशा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित थाना क्षेत्र को दिए हैं। - नवनीत भसीन, एसपी