
परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षद ने एजेंडे की कॉपी फाडक़ी आसंदी तरफ उछाली
ग्वालियर। नगर निगम परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में कांग्रेस पार्षद चंदू सेन ने एजेंडे पर चर्चा नहीं कराए जाने पर एजेंडे की कॉपी फाडकऱ आसंदी की तरफ उछाल दीा। इस पर पार्षदों ने हंगामा कर दिया और बैठक को 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सभापति ने इसको लेकर आपत्ति जताई और आगे से ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी।
बैठक में रोजाना पेयजल सप्लाई के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिलने का मुद्दा छाया रहा। पार्षदों ने निगमायुक्त को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सभी पार्षद चाहते हैं कि प्रतिदिन सप्लाई हो, लेकिन इसके लिए कोई ठोस व्यवस्था होना जरूरी है। पार्षद बार-बार निगमायुक्त से पूछते रहे कि ट्रायल कब तक चलेगी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं भाजपा पार्षद सतीश सिकरवार ने राज्य सरकार पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगाया, जिसका कांग्रेस पार्षद चंदू सेन ने विरोध किया। लेकिन पार्षद ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया, इस पर चंदू सेन ने सभापति राकेश माहौर से एजेंडे पर चर्चा कराने की बात कही।
बैठक में 8 बिंदुओं में से 4 एवं 6 पर चर्चा होनी थी, लेकिन इस बीच परिषद में रोजाना सप्लाई का मुद्दा उठ गया। पार्षद धर्मेन्द्र राणा ने कहा कि निगमायुक्त गलत जानकारी फैला रहे हैं कि पार्षद प्रतिदिन पानी देने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि पानी प्रतिदिन दिया जाए, लेकिन इसके लिए व्यवस्था तो करें और परिषद में रिपोर्ट रखें, उस पर निर्णय के बाद ही तय किया जाए। धर्मेन्द्र राणा ने कहा कि प्रतिदिन की ट्रायल कब तक की जाएगी। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन पानी की सप्लाई में समस्याएं आ रही हैं, कुछ क्षेत्रों में सप्लाई में दिक्कत है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रतिदिन सप्लाई की ट्रायल कब तक जारी रहेगी।
कमिश्नर करते रहे बातचीत, सभापति ने जताई नाराजगी
बैठक में गंदे पानी को लेकर चर्चा चल रही थी, इस दौरान निगमायुक्त संदीप माकिन निगम अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। दो बार ऐसा होने पर सभापति राकेश माहौर ने नाराजगी जताई, बाद में निगमायुक्त ने इसके लिए खेद व्यक्त किया।
निगमायुक्त बुलाते रहे, चले गए मौर्य
शहर में गंदे पानी की समस्या को लेकर जब निगमायुक्त संदीप माकिन जवाब दे रहे थे, उन्होंने पार्षदों के क्षेत्र में समस्या के समाधान होने की बात कही। इस पर कुछ पार्षदों ने कहा कि उनके यहां समस्या दूर नहीं हुई है। निगमायुक्त ने कहा कि अभी पीएचई के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य से पूछ लेते हैं, उन्होंने कई बार आवाज लगाई, लेकिन मौर्य बैठक से निकल गए थे।
हंगामे में निकल गया समय
3 घंटे चली बैठक में अधिकांश समय पार्षद हंगामा करते रहे। निगमायुक्त ने भी एजेंडे के बिंदु पर चर्चा के बाद सीधा जवाब नहीं दिया। इसके अलावा पूर्व में जिन पार्षदों ने शिकायत की थी, उनका भी काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस पर भी पार्षदों ने आपत्ति जाहिर की।
कांग्रेस पार्षदों ने भी नहीं दिया साथ
भाजपा पार्षद सतीश सिकरवार जब प्रदेश सरकार पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगा रहे थे, तो कांग्रेस पार्षद चंदू सेन ने विरोध किया, लेकिन किसी भी अन्य कांग्रेस पार्षद ने उनका साथ नहीं दिया।
Published on:
07 Sept 2019 06:03 am
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