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बड़ी खबर : गांधीवादी विचारक सुब्बाराव ने मोदी सरकार को लेकर कही सबसे बड़ी बात,भाजपा में हडक़ंप

बड़ी खबर : गांधीवादी विचारक सुब्बाराव ने मोदी सरकार को लेकर कही सबसे बड़ी बात,भाजपा में हडक़ंप

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बड़ी खबर : गांधीवादी विचारक सुब्बाराव ने मोदी सरकार को लेकर कही सबसे बड़ी बात,भाजपा में हडक़ंप

ग्वालियर। गांधीवादी विचारक डॉ.एसएन सुब्बाराव ने कहा कि गांधीजी की जयंती पर हर पार्टी के नेता पुष्प अर्पित करते हैं, लेकिन कोई भी उनके सिद्धांतों, विचारों को नहीं अपनाता है। प्रधानमंत्री एक अंग्रेजी पेपर में गांधीजी पर आर्टीकल लिख रहे हैं, यहां गांधी के अनुयायी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा मैं स्वयं गांधीजी के विचारों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखंूगा। वह मेला मैदान में एकता परिषद द्वारा जन आंदोलन-2018 के तहत आयोजित भूमि संसद में संबोधित कर रहे थे। डॉ.सुब्बाराव ने कहा कि गांधीजी चाहते थे देश में एकता आए,समानता हो, ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म हो, इसके लिए भूमिहीन किसान, मजदूर, को उनका हक मिलना चाहिए, आदिवासियों को घर बनाने के लिए जमीन मिलना चाहिए, तभी देश में गांधीवादी विचारधारा का पालन होगा।

उन्होंने कहा कि बंदूक की दम पर कोई स्थायी परिवर्तन नहीं हो सकता है। भूमि संसद का शुभारंभ महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर हुआ। एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पीवी ने कहा यदि सरकार जन आंदोलन की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो आगामी छह महीने तक पूरे देश में आंदोलन होगा, सरकार पलटने की तैयारी भी है। जनता से वायदा खिलाफी करने वाले को सरकार में रहने का हक नहीं है। असम के लोक सभा सदस्य हीरा शरण्या ने कहा कि नक्सलवाद की अपेक्षा गांधी मार्ग और दर्शन ही आंदोलन के लिए ठीक हैं।

अटलजी भी चाहते थे, गरीबों को उनका हक मिले : अनूप
जन आंदोलन में देशभर से आए भूमिहीनों का स्वागत मुरैना सांसद अनूप मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी चाहते थे कि गरीबों को उनका हक मिले। एक कविता में अटलजी लिखा है कि आजादी अभी अधूरी है, जब तक हल जोतने वाले मजदूर की फसल स्वयं की न हो, रिक्शा चलाने वाले की स्वयं की छत न हो, तब तक आजादी अधूरी है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने संसदीय क्षेत्र श्योपुर के कराहल में 2500 हेक्टेयर भूमि वन विभाग से गरीब आदिवासियों को दिलवाई है। उन्होंने कहा कि हम ऊंचे घरों में रहें, गरीब कहीं झोपड़ी डाल ले तो वह तोड़ दी जाए, यह कहां का न्याय है, ऐसे गरीबों को पट्टे दिए जाने की जरूरत है।

किसने क्या कहा
आदिवासी अधिकार मोर्चा के संस्थापक अशोक चौधरी ने कहा देश में धनी और गरीब में असमानता बढ़ रही है। अखिल भारतीय किसान महासभा के अभिमन्यु ने कहा सरकार को स्वामिनाथन आयोग की रिपार्ट लागू करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में किसानों पर हुई गोली चालन की घटना की निंदा की।


27 हजार लोगों की भागीदारी
असम से 430, मणिपुर 650, तमिलनाडु 469, केरल 272, छत्त्तीसगढ़ 2790, मध्य प्रदेश 10427, उत्तर प्रदेश 3234, बिहार-3268, उड़ीसा 1485, राजस्थान 748, झारखंड 2090, इसके अलावा हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के लोग यहां आकर जन सत्याग्रह में भागीदारी कर रहे हैं।

"सरकार क्या चाहती है, यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से चर्चा हुई है। तोमर ने स्वास्थ्य खराब होने की बात कहकर दिल्ली जाना बताया। आंदोलनकारी अधिकार चाहते हैं, उनकी मांग सरकार को सुनने के लिए आना चाहिए।"
राजगोपाल पीवी, संस्थापक, एकता परिषद

नेहरूजी चाहते थे असम पाक का हिस्सा बने: प्रफुल्ल
जनआंदोलन में असम के पूर्व सीएम प्रफुल्ल महंत ने कहा देश के बंटवारे के समय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू चाहते थे असम पाकिस्तान का हिस्सा बने। महात्मा गांधी और बल्लभभाई पटेल की वजह से असम भारत का हिस्सा बन सका। उन्होंने कहा गांधीजी का सपना था कि भारत से गरीबी मिटे, सबको बराबर का हक मिले। गांधीजी के अनुयायी सत्याग्रह कर यह हक मांग रहे हैं। इन लोगों ने एक समय व्रत रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने कॉलेज टाइम में असम आंदोलन की याद करते हुए कहा कि इसी तरह से हम एक टाइम भोजन करते थे और दिनभर सत्याग्रह करते थे।