
JU Budget: 1 billion 6 crore 88 lakh income and 1 billion 17 crore 11 lakh 8 thousand rupees will be spent
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक में 2020-21 के लिए 1 अरब 6 करोड़ 88 लाख रुपए की आय और 1 अरब 17 करोड़ 11 लाख 8 हजार रुपए के व्यय के बजट का प्रस्ताव पास कर दिया है। प्रस्तावित बजट में 10 करोड़ 22 लाख 43 लाख रुपए का घाटा दर्शाया गया है। इसी तरह 2019-20 के संशोधित बजट को भी पास कर दिया गया।
नए बजट में छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखकर अध्ययनशालाओं में उपकरण, कैमिकल,पुस्तकें और ई-जर्नल्स के लिए प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा केन्द्रीय पुस्तकालय के लिए ई-जर्नल्स, शोध पत्रिकाएं और पुस्तकों के लिए भी अलग से प्रावधान है। शनिवार को कुलपति प्रो संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुलसचिव डॉ आईके मंसूरी, संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा योगेन्द्र सक्सेना के अलावा ईसी मेंबर डॉ मनेन्द्र सिंह सोलंकी, वीरेन्द्र गुर्जर, अनूप अग्रवाल सहित अन्य मौजूद थे। बैठक के दौरान बजट पर चर्चा के बाद करियर एडवांस स्कीम के अंतर्गत डॉ डीसी गुप्ता, डॉ शांतिदेव सिसोदिया, डॉ राजेंद्र खटीक और डॉ समीर भाग्यवंत को सहायक प्राध्यापक से सह प्राध्यापक के पद पदोन्नत किया गया है।
संशोधित बजट अनुमान 2019-20
आय-87 करोड़ 51 लाख 7 हजार रुपए
व्यय-94 करोड़ 75 लाख 5 हजार रुपए
घाटा-7 करोड़ 23 लाख 98 हजार रुपए
यहां से किए गए आय के प्रावधान
-राजस्व खाते 4 करोड 10 लाख 29 हजार
-अध्यापन विभाग के छात्रों से शुल्क 4 करोड़ 50 हजार
-परीक्षा शुल्क 51 करोड़ 62 लाख
-अन्य शुल्क 66 लाख 10 हजार रुपए
-संस्थाओं/महाविद्यालयों से प्राप्त शुल्क 4 करोड़ 56 लाख 10 हजार
-भवन भूमि एवं छात्रावासों से किराया 83 लाख 90 हजार
-परीक्षा आवेदन/निविदा प्रपत्र की बिक्री 10 लाख 1 हजार
-विविध आय (रद्दी,वाहन किराया आदि) 15 लाख 55 हजार
-विश्वविद्यालय विकास निधि विनियोग से प्राप्त ब्याज (मियादी जमा) 16 करोड़ 64 लाख 62 हजार
-स्ववित्तीय योजना से प्राप्त ओवर हैड एवं इंटोमेंट फंड 4 करोड़ 82 लाख
अनुमानित बजट 2020-21
आय-1 अरब 6 करोड़ 88 लाख 65 हजार रुपए
व्यय-1 अरब 17 करोड़ 11 लाख 8 हजार रुपए
घाटा-10 करोड़ 22 लाख 43 हजार रुपए
यहां से होगी आय
-राजस्व खाते 4 करोड 10 लाख 29 हजार
-अध्यापन विभाग के छात्रों से शुल्क 2 करोड़ 35 लाख 50 हजार
-परीक्षा शुल्क 51 करोड़ 62 लाख
-अन्य शुल्क 66 लाख 10 हजार
-संस्थाओं/महाविद्यालयों से प्राप्त शुल्क 4 करोड़ 56 लाख 10 हजार
-भवन भूमि एवं छात्रावासों से किराया 78 लाख 21 हजार
-परीक्षा आवेदन/निविदा प्रपत्र की बिक्री 10 लाख 1 हजार
-विविध आय (रद्दी,वाहन किराया आदि) 22 लाख 55 हजार
-विश्वविद्यालय विकास निधि विनियोग से प्राप्त ब्याज (मियादी जमा) 16 करोड़ 62 लाख 71 हजार
-स्ववित्तीय योजना से प्राप्त ओवर हैड एवं इंटोमेंट फंड 5 करोड़ 35 लाख 18 हजार
-पूंजीगत योजना हेतु कॉर्पस फंड से राशि का हस्तांतरण 17 करोड़
2018-19 में आया था लाभ का बजट
-जीवाजी विश्वविद्यालय के वर्ष 2018-19 के बजट में आय से कम व्यय हुआ था। बजट में 83 करोड़ 19 लाख 81 हजार 397 रुपए की आय का प्रावधान था। जबकि व्यय 77 करोड़ 57 लाख 26 हजार 629 रुपए हुआ था। इस बजट में विश्वविद्यालय को 5 करोड़ 62 लाख 54 हजार 768 रुपए का लाभ हुआ था।
बजट के मुख्य बिंदु
-सेमिनार सहित अध्ययनशालाओं में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट अप ग्रांट, पेटेंट संबंधी व्यय के लिए विवि स्वयं के स्रोत से राशि का प्रावधान किया गया है।
-फिक्सड असेट की कोडिंग आवश्यक रूप से कराया जाना भी बजट के प्रावधान में शामिल है।
-लैब सहित अन्य उपकरणों का वार्षिक अनुबंध करने पर जोर दिया गया है।
-आय बढ़ाने के लिए छात्रों के अधिक से अधिक एडमिशन करने पर ध्यान देने के लिए प्रचार और प्रसार को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव रखा गया है।
-विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 2019- 20 में योजनांतर्गत 19.52 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
Published on:
07 Mar 2020 11:39 pm
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