
ग्वालियर। एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम के बदलाव के विरोध में मध्यप्रदेश में सोमवार को हुई हिंसा के बाद मंगलवार को भी ग्वालियर चंबल संभाग के तीन जिलों में अभी भी कफ्र्यू लगा हुआ है। सुबह सभी को उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्वालियर,भिंड और मुरैना में कफ्र्यू में कोई ढील दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और २४ घंटे बाद भी कफ्र्यू लगा रहा और लोग दहशत में जीते रहे। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षण संस्थाओं को आगामी दो दिन तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ग्वालियर डबरा भिण्ड और मुरैना में सुरक्षाबल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। हिंसा प्रभावित तीनों जिलों के साथ ही शिवपुरी श्योपुर और दतिया में भी इंटरनेट सेवाएं अभी तक बंद हैं। सोमवार को हुई हिंसा में जहां सात लोग मारे गए थे। वहीं मरने वालों की संख्या अब बढ़कर ९ पहुंच गई है।
मंगलवार की सुबह भिंड के मछंड इलाके में एक शव पुलिस ने बरामद किया है। जबकि ग्वालियर में कलेक्टर ने सभी शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। वहीं मुरैना में उपद्रवी ने पुलिस सर्चिंग टीम पर फायरिंग कर दी है। जबकि भिण्ड में कुछ लोगों ने मंत्री लाल सिंह आर्य के बंगले पर पहुंचकर कई जगह पर पथराव किया। हालांकि पुलिस को सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची जिससे स्थिति को काबू में किया है।
पुलिस को सख्त हिदायत
हिंसाग्रस्त इलाके ग्वालियर भिण्ड और मुरैना व डबरा में 550 डीएसपी और सब इंस्पेक्टर सहित तीन हजार जवानों को तैनात किया गया है। इतना ही नहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान और कई मंत्रियों सहित पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही हैं। अभी तक पुलिस ने करीब १५०० लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। चंबल संभाग में नौ लोगों की मौत के साथ ही करीब २०० लोग घायल होने की बात सामने आई है। हिंसा ग्रस्त इलाके में भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। साथ ही पुलिस को सख्त हिदायत भी दी गई है।
अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा और आग के हवाले किया
बंद समर्थकों द्वारा किए जा रहे अभद्रता को देखते हुए आक्रोशित लोगों ने शुगर मिल चौराहे पर लगी अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा और थाना चौराहे पर लाकर आग के हवाले कर दिया। बंद समर्थकोंं ने गुंडागर्दी का ऐसा तांडव किया जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। राह चलते लोगों और वाहन चालकों से पहले पूछा वे किस जाति के हैं।
अगर उनके मन मुताबिक निकला तो उसे छोड़ दिया। यदि अन्य वर्ग का था तो उससे मारपीट कर दी। इस दौरान बाजार के खास किस्म के लोगों के प्रतिष्ठानों को बंद समर्थकों ने विशेष रूप से निशाना बनाया। इस दौरान खंबों पर लगे इलेक्ट्रोनिक मीटरों तक को नहीं बख्शा। नेताओं के होडिंग्स फाड़े साथ ही डिवाइडरों पर लगे पौधों को भी उखाड़ फेंका।
रात में ही कराई अंत्येष्टि
एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम के बदलाव के विरोध में सोमवार को हुई हिंसा के बाद ग्वालियर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हिंसा में मारे गए दो युवकों दीपक पुत्र मोहनलाल जाटव और राकेश पुत्र नेतराम जाटव की पुलिस ने देर रात ही अंत्येष्टि करा दी। हालांकि परिजनों ने अंत्येष्टि करने से पहले मना कर दिया था लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन पर दबाव बनाया और रात में ही उसकी अंत्येष्टि करा दी।
क्योकि यदि अंत्येष्टि सुबह कराई जाती तो शायद स्थिति और तानवपूर्ण हो सकती थी। ग्वालियर और डबरा में मंगलवार सुबह से कफ्र्यू लगा हुआ है,शहर के प्रत्येक चौराह और गली मोहल्ले में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज बंद हैं और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं जो कि अभी शाम सात बजे तक भी चालू नहीं हुई है।
भिंड में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण,मंत्री के बंगले पर फेंके पत्थर
उपद्रवियों की हिंसा में अब तक पांच लोगों की मौत हो गई। साथ ही करीब ४० लोग घायल हो गए हैं। भिण्ड शहर समेत पूरे जिले में कफ्र्यू लगाया हुआ है जो कि अभी भी जारी है। मंगलवार की सुबह शहर के एक चौराहे पर कुछ उपद्रवियों ने पुतला फूंकने की कोशिश की,सूचना पर पहुंची पुलिस के पहले ही उपद्रवी वहां से भाग खड़े हुए हैं। उपद्रवियों ने गोहद विधायक व सरकार में मंत्री लाल सिंह आर्य के बंगले पर पत्थर फेंके हैं। जैसे ही स्थिति की जानकारी पुलिस को पता चली वह तुंरत मंत्री के बंगले पर पहुंची और भीड़ को तितर बितर किया।
साथ ही मौके पर पुलिस तैनात भी कर दी गई है। भिण्ड जिले के मेंहगांव, गोहद, लाहर और अन्य क्षेत्रों में २४ घंटे बाद भी तनाव बना हुआ है। सुबह भिंड के रौन थाना इलाके के राही का ट्यबवेल में एक शव बरामद किया गया है। मृतक का नाम दशरथ(50) बताया जा रहा है। इसके साथ ही भिण्ड में उपद्रव में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। मृतको के नाम नारायण सिंह जाट,आकाश गर्ग,प्रदीप जाटव और महावीर सिंह राजावत है। दशरथ की मौत लाठी डंडे के मारने से हुई है। जबकि महावीर राजावत की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। जिस पर दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
रातभर फ्लैग मार्च सुबह भी कफ्र्यू जारी
सोमवार की हिंसा के बाद पुलिस ने मुरैना में कफ्र्यू के बाद रातभर पूरे जिले में फ्लैग मार्च किया। इससे पहले कल ही जिले के सभी स्कूल और कॉलेज को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। कलेक्टर और एसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल अब भी इलाकों में घूम रहे हैं। वहीं मंत्री रुस्तम सिंह भी भोपाल से सीएम के आदेश मिलने के तुंरत बाद ही मुरैना पहुंचे और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर स्थिति का जायजा लिया। लेकिन उपद्रवियों ने मुरैना के उत्तपुरा में पुलिस सर्चिंग टीम पर फायरिंग कर दिया। हालांकि किसी भी प्रकार के घायल होने की खबर अभी तक नहीं आई है। वही मुरैना में एक युवक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि युवक का इस आंदोलन से कोई लेना देना नहीं था। वह तो लोगों को समझा रहा था तभी किसी ने उसे गोली मार दी।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर रोक
ग्वालियर-चंबल अंचल में फैली हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने, उसे लाइक करने या फिर कमेंट करने के साथ ही फारवर्ड करने के मामले में धारा 144 लगाकर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर राहुल जैन ने बताया कि व्हॉट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर सहित अन्य सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे वाले मैसेज प्रसारित करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
03 Apr 2018 08:13 pm
Published on:
03 Apr 2018 07:56 pm

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