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कोर्ट के एक आदेश से अटकी कई शादियां, अब मिली राहत

उच्च न्यायालय ने मैरिज गार्डन संचालकों को दी गई राहत को बरकरार रखा है। साथ ही न्यायालय ने शासन से ऐसे मैरिज गार्डनों की सूची मांगी है जो कि भूमि विकास नियम 2012 का पालन नहीं कर रहे हैं।

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कोर्ट के एक आदेश से अटकी कई शादियां, अब मिली राहत

ग्वालियर. उच्च न्यायालय ने मैरिज गार्डन संचालकों को दी गई राहत को बरकरार रखा है। साथ ही न्यायालय ने शासन से ऐसे मैरिज गार्डनों की सूची मांगी है जो कि भूमि विकास नियम 2012 का पालन नहीं कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन द्वारा ने शहर के अधिकांश मैरिज गार्डन सीज कर दिए थे। शादियों को देखते हुए गार्डन संचालकों ने कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर इस सीजन की बुक शादियों को कराने की अनुमति मांगी थी। इस पर न्यायालय ने पहले तो भूमि विकास नियम 2012 के लागू होने के पहले संचालित मैरिज गार्डनों को खोले जाने की अनुमति दे दी थी। बाद में शेष मैरिज गार्डन संचालकों ने भी याचिका में कहा उनके द्वारा जो शादियां बुक की गई हैं उन्हें आयोजित करने की अनुमति मिले। इस पर न्यायालय ने सभी मैरिज संचालकों से उनके द्वारा बुक की गई शादियों की जानकारी शपथ पत्र पर मांगी थी। न्यायालय ने इसके साथ ही इन सभी गार्डन संचालकों को राहत देते हुए उनके यहां बुक विवाह समारोह आयोजित करने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने इसे मार्च तक बढ़ाते हुए उपरोक्त जानकारी शासन से मांगी है।