27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रभारी मंत्री बोले मूर्ति को हमारा समर्थन, फिर संभले और कहा नियम होगा तो करेंगे

जिनावली में रखी गई बाबा साहेब की मूर्ति का मामला, जिले के प्रभारी गौरीशंकर बिसेन ने वीआईपी सर्किट हाउस पर विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से की चर्चा।

2 min read
Google source verification

image

rishi jaiswal

Jan 05, 2017

minister bisen

gauri shankar bisen


ग्वालियर। जिनावली
में बाबा आंबेडकर की मूर्ति
रखी गई है। इस सवाल के जवाब
में प्रभारी मंत्री गौरीशंकर
बिसेन ने बातचीत की शुरुआत
में कह दिया कि हम बाबा आंबेडकर
की मूर्ति का समर्थन करते हैं।
लेकिन जब सवाल किया कि यह मूर्ति
नियम विरुद्ध लगाई गई है
,
इसको प्रशासन स्वीकार
कर चुका है
, फिर इसका
समर्थन कैसे
, तो
उन्होंने संभलते हुए कहा कि
नियम होगा तो करेंगे।

नाश्ते की टेबल सामने
बगल में बैठे विधायक भारत सिंह
कुशवाह की ओर इशारा करके
मीडियाकर्मियों ने कहा कि ये
भी नियम विरुद्ध लगी मूर्ति
को वहीं रखने के लिए कलेक्टर
से मिले थे। जबकि ग्रामीण इकाई
के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र जैन
इस मामले में अभी उदय यादव
नामके पदाधिकारी से स्पष्टीकरण
मांग चुके हैं। इसके बाद भी
अब तक कार्रवाई नहीं की गई
,
एेसा क्यों?

यह भी पढें- गुरुवार है भगवान विष्णु का दिन,ऐसे करें प्रसन्न


जवाब में मंत्री विधायक
और पदाधिकारी का ही पक्ष लेते
नजर आए। इस दौरान उन्होंने
विकास कार्यों को लेकर भी
सवालों के जवाब दिए। कृषि
मंत्री एवं जिले के प्रभारी
गौरीशंकर बिसेन ने वीआईपी
सर्किट हाउस पर जनप्रतिनिधि
और अधिकारियों से चर्चा की।
उन्होंने विकास कार्य
,
योजनाओं के क्रियान्वयन
की स्थिति को भी जाना।

इस दौरान नगरीय विकास
एवं आवास मंत्री माया सिंह
,
निर्धन वर्ग कल्याण
आयोग के अध्यक्ष बालेन्दु
शुक्ल
, महापौर विवेक
शेजवलकर
, विधायक
भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य
नेता और अधिकारी मौजूद थे।प्रभारी
मंत्री को कमिश्नर एसएन रूपला
,
कलेक्टर डॉ. सजंय
गोयल
, एसपी डॉ.
आशीष, निगमायुक्त
अनय द्विवेदी ने योजनाओं की
जानकारी दी। सुबह लगभग
9
बजे उन्होंने मीडिया
से भी बातचीत की। इस बातचीत
के दौरान पहले तो वे मूर्ति
को लेकर सकरात्मक रुख लेकर
बोले
, लेकिन जब नियम
विरुद्ध होने का पता चला तो
कहा कि नियम में होगा तो ही
करेंगे।

यह भी पढें- गुरुगोविंद सिंह ने की थी खालसा पंथ की स्थापना

एेसे बदला रुख


सूत्रों की मानें तो
नाश्ते की टेबल पर मंत्री
-विधायक
और अधिकारी साथ थे
, इस
दौरान जब जमीन पर मूर्ति के
मामले की बात हुई तो पूरे मामले
का पटाक्षेप करने के लिए
तुरत
-फुरत फाइल
तैयार करके इस पर जियोस के
बैठक के बाद अनुमोदन करने की
रणनीति बनाई गई थी। बाद में
जब दोबारा से सवाल
-जवाब
किए तो फिर मंत्री ने मामले
में मंत्री ने पूरी जांच के
बाद अगर नियम में होगा तो ही
मूर्ति को यथावत बनाए रखने
की बात कही।

मंत्री के तीन जवाब


1-अधिकारियों से बात
करूंगा


2-विधायक से बात करूंगा।


3-सारी जानकारी मिलने
के बाद फैसला करेंगे।

ये भी पढ़ें

image