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एमएमयूकेवाई: अब युवाओं को रोजगार के लिए 50 हजार तक का लोन भी मिलेगा

18 से 45 साल के युवा होंगे पात्र8 वीं पास हैं तो भी ले सकेंगे लोन

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ग्वालियर. बेराजगार युवाओं को रोजगार के लिए उद्याेग लगाने तथा व्यवसाय के लिए अब मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (एमएमयूकेवाई) के अन्तर्गत 50 हजार रूपए तक का लोन भी बैंकों से मिल सकेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए है। अधिकतम 50 लाख रुपए का लोन लिया जा सकेगा। पहले यह सीमा 1 लाख से 50 लाख तक ही थी। आदेश के अनुसार उद्योग (विनिर्माण) इकाई के लिए 50 हजार से 50 लाख तक की परियोजनाएं शुरु की जा सकती है। जबकि सेवा (सर्विस) इकाई एंव खुदरा व्यवसाय (रिटेल ट्रेड) के लिए 50 हजार से 25 लाख तक की परियोजनाएं शुरु की जा सकती है। इस योजना के तहत सरकार लिए गए लोन के ब्याज पर 3 से 3.5 प्रतिशत का अनुदान देती है। इसे प्रतिवर्ष रिन्यूवल किया जाता है।
आयु एंव शिक्षा में पहले भी हुआ बदलाव
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 18 से 45 साल के बेरोजार युवा बैंक से लोन कर उद्योग लगा सकते हैं अथवा सेवा इकाई या खुदरा व्यवसाय कर सकते हैं। पूर्व में आयु सीमा 18 से 40 साल ही थी। इसके अलावा 12 वीं पास होने की अनिवार्यता थी लेकिन अब 12वीं पास के बजाय 8वीं पास को भी इस योजना के लिए योग्य माना गया है।

सड़को से ब्लैक स्पॉट खत्म करने में होगी आसानी, 22 महीने में 90 हजार दुर्घटनाओं का डाटा दर्ज
ग्वालियर. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान विभाग तथा आईआईटी चेन्नई के सहयोग से एकीकृत सडक सुरक्षा डेटा बेस तैयार करने के लिए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेन्ट डेटाबेस (आई रेड एप) विकसित कर लागू कर दिया है। इसके जरिए दुर्घटना का डाटा अपलोड किया रहा है। दुर्घटनाओं का डाटा उपलोड करने में मध्य प्रदेश देशभर में आगे चल रहा है। प्रदेश में 1 जनवरी 2021 से अब तक यानी 22 महीने में 90 हजार 771 दुर्घटनाओं का डाटा अपलोड किया जा चुका है। इन दुर्घटनाओं में हजारों लोग जान गवां चुके हैं तथा हजारो की संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। इस अवधि में सर्वाधिक 7251 सड़क दुर्घटनाएं इंदौर में दर्ज की गई है। 7013 दुर्घटनाओं के साथ जबलपुर दूसरे और 5330 दुर्घटनओं के साथ राजधानी भोपाल तीसरे नम्बर पर है। आईरेड एप के डेटा बेस से प्राप्त जानकारी से भविष्य में किस प्रकार कम से कम दुर्घटना हो सके इस डेटा बेस को तैयार कर आईआईटी चेन्नई के सहयोग गाइड लाइन जारी की जाएगी। इसके जरिए आवश्यक कदम उठाते हुए हाइवे तथा अन्य सड़कों से ब्लैक स्पॉट खत्म किए जाएंगे जिससे एक ही स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं न हों।
ग्वालियर छठे नम्बर पर
22 महीने और एक सप्ताह में 5 हजार 337 दुर्घटना डेटा रिकॉर्ड के साथ में ग्वालियर राज्य में छठे नम्बर पर है। ग्वालियर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में 212 और झांसी रोड थाना क्षेत्र में 220 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। बिलौआ तथा जौरासी घाटी में अधिक दुर्घटनाएं होती है। अधिकतर दुर्घटनाओं के विभिन्न कारणों जिनमें यातायात के नियमों काे फॉलो नहीं करना, हाइ स्पीड से वाहन चलाना पाया गया। अधिकतर दुर्घटनाएं शाम 6 से रात्रि 10 बजे के बीच होती हैं।
दुर्घटना स्थल से ही दर्ज होता है डाटा
भारत सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेन्ट सडक दुर्घटना का डेटा बेस तैयार कर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार की सडक दुर्घटना होने पर निर्धारित पुलिस थाने के कार्मिक द्वारा मौका निरीक्षण कर, दुर्घटना के स्थान से ही फोटो व दुर्घटना से संबधित सभी सूचनाओं को एप के माध्यम से अपलोड किया जाता है।