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एमएमयूकेवाई:3600 का लक्ष्य,1503 आवेदन आए, 447 रिजेक्ट, 142 को वापस लौटाया

युवा नहीं दिखा रहे उत्साह, अब तक केवल 4.51करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत

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बेराजगार युवाओं को रोजगार के लिए उद्याेग लगाने तथा व्यवसाय के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (एमएमयूकेवाई) युवा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस योजना के तहत अन्तर्गत जिले के 3600 युवाओं को लोन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष के 6 माह बीतने के बाद भी अब तक 1503 आवेदन ही इस योजना के तहत आए हैं। इनमें भी 401 आवेदनों को पात्र नहीं मानते हुए बैंकों ने रिजेक्ट कर दिया है। जबकि 46 आवेदन जिला स्तर पर रिजेक्ट कर दिए गए हैं। इनमें अधिकतर की सिविल खराब माना गई है। 142 आवेदनों को आवेदक को कमी-पूर्ति के लिए वापस लौटाया गया है। इस तरत 3600 आवेदनों में 590 को पात्र नहीं माना गया है। 3 हजार 10 आवेदकों पर ही विचार किया जा रहा है। बैंको में 244 आवेदन लम्बित हैं, 180 प्रक्रियाधीन हैं। 294 आवेदकों को 4 करोड़ 51 लाख 55 हजार रुपए का लोन स्वीकृत किया गया है।
उद्योग के लिए 50 लाख, व्यवसाय के लिए 25 लाख तक का लोन
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अन्तर्गत युवा उद्यमी उद्योग (विनिर्माण) इकाई के लिए 50 हजार से 50 लाख तक लोन लेकर परियोजनाएं शुरु कर सकते हैं। जबकि सेवा (सर्विस) इकाई एंव खुदरा व्यवसाय (रिटेल ट्रेड) के लिए 50 हजार से 25 लाख तक लोन लेकर परियोजनाएं शुरु की जा सकती है।
जागरुकता के लिए चला रहे अभियान
बैंक अधिकारियों को कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (एमएमयूकेवाई) के तहत युवाओं को जागरूक कर लोन उपलब्ध करवाने के लिए ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं। बैंकों को भी निर्देश दिए जा रहे है अन्य योजनाओं में लोन के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को इस योजना की जानकारी दी जाए।

आयु एंव शिक्षा में पहले भी हुआ बदलाव
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 18 से 45 साल के बेरोजार युवा बैंक से लोन कर उद्योग लगा सकते हैं अथवा सेवा इकाई या खुदरा व्यवसाय कर सकते हैं। पूर्व में आयु सीमा 18 से 40 साल ही थी। इसके अलावा 12 वीं पास होने की अनिवार्यता थी लेकिन अब 12वीं पास के बजाय 8वीं पास को भी इस योजना के लिए योग्य माना गया है।