
Modern AI Satellite प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
MP News: आधुनिक तकनीक एआइ सैटेलाइट सर्वे के भरोसे खेती का आकलन करने वाले सिस्टम ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। जिस खेत में गेहूं की फसल लहलहा रही थी, आसमान से ली गई तस्वीरों ने उसे सरसों बता दिया और जहां फसल कट चुकी थी, उसे खाली प्लॉट दर्ज कर दिया। इस तकनीकी अंधेरे के कारण हजारों किसानों के पंजीयन असत्यापित होकर निरस्त हो गए हैं। अब हालात ये हैं कि किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें मजबूरी में मंडी का रुख करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अमले ने जब मुरार, भितरवार और डबरा में भौतिक सत्यापन किया, तो सर्वे की पोल खुल गई। रिपोर्ट के बाद आरआइ-पटवारी सत्यापन के लिए फील्ड में उतरे। मुरार ब्लॉक में भौतिक सर्वे पूरा हो चुका है, जहां 90 प्रतिशत खेतों में गेहूं पाया गया, जबकि सैटेलाइट रिपोर्ट कुछ और ही कह रही थी। डबरा-भितरवार में जांच जारी है, जहां करीब 96 प्रतिशत रकबे में गेहूं मिला है। एआइ सैटेलाइट ने उस समय रीडिंग ली जब फसल कट चुकी थी, जिससे उसने उपजाऊ जमीन को बंजर या खाली मान लिया।
किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि पंजीयन निरस्त होने से वे 2625 (समर्थन मूल्य) के बजाय मंडी में 2400 से 2500 के भाव में गेहूं बेचने को मजबूर हैं। जिले में 13,500 किसानों ने 56 हजार हेक्टेयर भूमि का पंजीयन कराया था। सवा लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई थी। सरकार ने 15 लाख क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदने का लक्ष्य रखा है, जबकि 20 लाख क्विंटल गेहूं मंडी में बिकने की उम्मीद है। तकनीकी चूक के कारण लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
मुरार का सैंपल सर्वे हो गया है, डबरा और भितरवार की जांच चल रही है। मौके पर गेहूं की फसल मिली है। जिन किसानों के पंजीयन तकनीकी कारणों से निरस्त हुए हैं, उन्हें जल्द ही बहाल किया जाएगा। किसान चिंता न करें, वे समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेच सकेंगे। रुचिका चौहान, कलेक्टर, ग्वालियर
मध्यप्रदेश में अभी 4 संभांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से यह काम शुरू हो चुका है। अभी तक 28 हज़ार 199 किसानों से 12 लाख 52 हजार 470 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन शुरू किया जाएगा। प्रदेश में अभी तक 2 लाख 35 हजार 177 किसानों द्वारा 1 करोड़ 3 लाख 90 हजार 280 क्विंटल गेहूं की बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में की जा रही है।
Updated on:
17 Apr 2026 11:44 am
Published on:
17 Apr 2026 11:43 am
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