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6 हजार से अधिक लोगों को भू स्वामित्व देने बनवाये फोल्डर, अब कबाड़ में फेंके

-जनता के खजाने से हर फोल्डर पर हुआ 15 रुपये से ज्यादा खर्च

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6 हजार से अधिक लोगों को भू स्वामित्व देने बनवाये फोल्डर, अब कबाड़ में फेंके

6 हजार से अधिक लोगों को भू स्वामित्व देने बनवाये फोल्डर, अब कबाड़ में फेंके

श्योपुर। जिले के 593 गांवों में मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के अंतर्गत 10680 शहर में आबादी भूखंडों के आवेदन फाइनल हो चुके हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में 2990 आवेदनों को भू अधिकार के लिए जमा किया गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर करीब 6 हजार आवेदनों में भूखंड प्रमाणपत्र जारी करने के लिए फोल्डर तैयार कराए गए थे। प्रत्येक फोल्डर पर 15 रुपए से अधिक जनता का पैसा खर्च करने के बाद अब कचरे में फैंक दिया गया है। पत्रिका ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जब स्थिति देखी तो आम जन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होने वाले ये फोल्डर कबाड़ की तरह फैंक दिए गए थे। अब इसकी जानकारी जब कलेक्टर को दी तो अब वे इनको व्यवस्थित तरीके से रखवाकर संबंधित कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।


ऐसे पड़े हैं फोल्डर
श्योपुर एसडीएम कार्यालय के ठीक ऊपर वाले कक्ष में दरवाजे के पास ही दीवार किनारे सबसे ऊपर भूखंड धारक फोल्डर रखे हैं। इनकी संख्या 500 से अधिक है। कचरे में पड़े इन फोल्डर्स को सही तरीके से रखने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।


एक नजर में स्वामित्व योजना की स्थिति
-श्योपुर में 147 प्रकरण दर्ज हुए थे। 27102 आबादी भूखंड हैं और 25019 भूखंड से धारक का नाम जोडऩा है।
-बड़ौदा में 81 प्रकरण दर्ज हुए थे। 13494 आबादी भूखंड हैं और 13418 भूखंड से धारक का नाम जोडऩा है।
-कराहल में 72 प्रकरण दर्ज हुए थे। 9013 आबादी भूखंड हैं और 7451 भूखंड से धारक का नाम जोडऩा है।
-विजयपुर में 82 प्रकरण दर्ज हुए थे। 19948 आबादी भूखंड हैं और 8458 भूखंड से धारक का नाम जोडऩा है।
-वीरपुर में 59 प्रकरण दर्ज हुए थे। 11511 आबादी भूखंड हैं और 11132 भूखंड से धारक का नाम जोडऩा है।


वर्सन
-भू स्वामित्व योजना के लिए फाइल फोल्डर अलग रखे गए हैं। जिन फोल्डर्स को कचरे में डाले जाने की सूचना दी है, उनको भी छंटवाकर दूसरी जगह रखवाया जाएगा। इसके लिए जो जिम्मेदार है, उससे पूरी जानकारी लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।
शिवम वर्मा, कलेक्टर

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