
ग्वालियर। एक बेटी अपनी मां की जान बचाने के लिए डॉक्टर सहित लोगों से मदद की गुहार मांगती रही लेकिन लोगों का दिल फिर भी नहीं पसीजा और वह वीडियो बनाते रहे। इसके कुछ देर बाद ही मां ने बेटी की गोदी में दम तोड़ दिया। शहर के सिविल अस्पताल ग्वालियर में बेटी ज्योति के साथ उपचार के लिए पहुंची 62 वर्षीय मां शीला देवी को समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। बेटी ने मां को बचाने स्टाफ सहित वहां मौजूद डॉक्टर और लोगों से मदद मांगी लेकिन कोई नहींं आया। अस्पताल कर्मचारीगेट पर खड़े होकर तमाशा देखते रहे,वहीं वहां खड़े कुछ लोग वीडियो भी बनाते रहे।
इतना ही नहीं कुछ लोगों ने ओपीडी में बैठे अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रशांत नायक को बुलाया तो वे स्ट्रैचर पर वृद्धा को अंदर ले गए। जहां उन्होंने चेकअप किया लेकिन तब तक वृद्धा ने दम तोड़ दिया।
गदाई पुरा निवासी ज्योति मां शीला देवी को मंगलवार सुबह 10 बजे अस्पताल लाई। ओपीडी में चिकित्सक ने परीक्षण कर जांच कराने की सलाह दी। जांच कराने ज्योति मां को ले जा रही थीं तभी उनको सांस में दिक्कत हुई और गेट पर खून की उल्टी हो गई। डॉक्टर जब तक उनको अंदर ले गए उन्होंने तम तोड़ दिया।
तो बच सकती थी जान
शीलादेवी को जब खून की उल्टियां हो रही थीं। उस समय बाहर खड़ा अस्पताल का स्टाफ समय रहते डॉक्टर के पास ले जाते तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन इस पूर मामले में कर्मचारियों ने संवेदनहीनता का परिचय दिया।
"वृद्धा को स्ट्रैचर पर लेकर अस्पताल में लाए थे। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.श्रीवास्तव को भी बुलाया, लेकिन वृद्धा ने दम तोड़ दिया।"
डॉ.प्रशांत नायक, प्रभारी सिविल अस्पताल
Published on:
21 Feb 2018 04:34 pm
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