- डाक मतपत्र से सात हजार डाल चुके है वोट- शहर क्षेत्र की विधानसभा पर सबसे ज्यादा कर्मचारियों की वोट ट्रेनिंग के दौरान ही वोट डलवाए गए
विधानसभा चुनाव 2023 के लिए डाक मतपत्र से वोटिंग चल रही है। ट्रैनिंग के दौरान ही कर्मचारियों को वोट डलवाए जा रहे हैं। सात हजार से अधिक कर्मचारी वोट डाल चुके हैं। इस बार के चुनाव में कर्मचारियों की नाराजगी पदोन्नति व ओल्ड पेंशन को लेकर है। इन दो मुद्दों को लेकर उनकी नाराजगी भी है। 2018 में भी कर्मचारी सरकार से नाराज दिखे थे। इसके चलते डाक मतपत्र में भाजपा की तुलना में कांग्रेस को अधिक वोट मिले थे। कम अंतर की सीटों के जीत को कर्मचारियों की नाराजगी ने प्रभावित कर दिया था।
2018 में डाक के माध्यम से डाक मतपत्र भेजने की व्यवस्था थी। कर्मचारियों को घर के लिए डाक मतपत्र दिए गए थे। अपना मत देकर रिटर्निंग ऑफिसर के यहां भेजा था, लेकिन इस बार व्यवस्था में बदलाव किया है। चुनाव प्रशिक्षण के दौरान फेसिलिटी सेंटर पर ही डाक मतपत्र से वोट डलवाया जा रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों का वोटिंग प्रतिशत अच्छा रहने वाला है। वोटिंग के दौरान पत्रिका ने कर्मचारियों के बीच उनके मुद्दे टटोले तो दो ही मामले प्रमुख दिखे।
दूसरे शहरो में काम रहे कर्मचारी भी डाल सकेंगे वोट
- इस बार दूसरे जिलों में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारी भी पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट डाल सकेंगे। इसके लिए नोडल अधिकारी भी बनाए हैं। जो कर्मचारी वोट डालने से वंचित रह जाते थे, वह भी वोट डाल सकते हैं।
- एक कर्मचारी के घर में करीब चार से छह वोट रहते हैं। कर्मचारियों की नाराजगी उम्मीदवारों के समीकरण बिगाड़ सकती है।
इसलिए मुद्दे
- ओल्ड पेंशन का मुद्दा जोरों से उठा है। चुनाव के दौरान पार्टियों ने ओल्ड पेंशन लागू करने का वादा भी किया है। इसके अलावा कुछ राज्यों ने ओल्ड पेंशन को लेकर आदेश भी जारी किए हैं। पेंशन लागू करने को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन भी किए।
- आरक्षण की वजह से अधिकारी व कर्मचारियों के प्रमोशन नहीं हो सके हैं। हर महीने बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी सेवा निवृत्त हो गए हैं। प्रमोशन के लिए न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है।
दोनों पार्टी को 2018 में पोस्टल बैलेट पर मिले वोट
- विधानसभा भाजपा कांग्रेस
- ग्वालियर ग्रामीण 230 241
- ग्वालियर 802 1382
- ग्वालियर पूर्व 1268 1612
- ग्वालियर दक्षिण 528 625
- भितरवार 297 334
- डबरा 252 720
(सपाक्स को कर्मचारियों ने वोट दिया था, पर 2023 में सपाक्स चुनाव नहीं लड़ रही है)