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MP Election 2023 : महिलाओं का वोट बदलेगा चुनाव का रुख, चुनावी दंगल में उनकी सुरक्षा भूले राजनीतिक दल

- पिछले विधानसभा चुनाव से अब तक महिला अपराधों में तेजी, महिला वोटर्स को घर बैठे पैसा देने की होड़ में पार्टियां, चुनावी एजेंडे में सुरक्षा की बात नहीं...

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विधानसभा चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों का फोकस महिला मतदाताओं पर है। इसलिए पार्टियां महिला वोटर को रिझाने के लिए घर बैठे उनके खाते में पैसा जमा करने की ताल ठोंक रही हैं, लेकिन महिला सुरक्षा का मुद्दा किसी दल का एजेंडा नहीं है, जबकि एनसीआरबी की रिपोर्ट से जाहिर है, महिलाओं के साथ अपराध में प्रदेश आगे है। पिछले विधानसभा चुनाव से अभी तक जिले में महिलाओं के साथ अपराधों का आकंडा लगातार बढ़ा है।

जिले में विधानसभा चुनाव की छह सीटों के लिए इस बार कुल 15 लाख 82 हजार 824 लोग वोट देंगे। इनमें 8 लाख 59 हजार 446 पुरूष और 7 लाख 66 हजार 263 महिलाएं मतदान करेंगी। जाहिर है महिलाओं का मत निर्णायक साबित होगा। इसलिए सभी राजनीतिक दल महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट देने के लिए मनाने ताकत झोंक रहे हैं। लेकिन चुनावी खेल में महिला सुरक्षा का मसला गायब है। किसी राजनीतिक दल ने वोट के बदले महिलाओं के साथ अपराधों पर काबू का वादा नहीं किया है। जबकि एनसीआरबी की रिपोर्ट से जाहिर है महिलाओ के साथ अपराध में प्रदेश में जिला आगे है। महिला आयोग की टीम तो जिले का दौरा कर महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने की हिदायत दे चुकी है। उसके बावजूद राजनीतिक दलों के एजेंडे में महिला सुरक्षा का बिंदु तक नहीं होना हैरानी की बात है।

5 साल में महिला अपराध का हिसाब

पिछले विधानसभा चुनाव से अभी तक महिलाओं के साथ अपराधों का खेल लगातार तेज हुआ है। हालांकि इस बीच कोरोना की वजह से लंबे समय तक लोगो को घरों मे भी बंद रहना पड़ा, लेकिन उसके बाद भी महिलाओं के साथ अपराध नहीं थमे। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक पिछले पांच साल में 97 महिलाओं की हत्या हुई हैं। अपराधियों ने 76 महिलाओं की जान लेने का प्रयास किया है। इसके अलावा 2 हजार 111 महिलाओं, युवतियों के साथ छेडख़ानी के केस दर्ज हुए हैं। यह उन महिलाओं की गिनती हैं जिन्होंने थाने आकर शिकायत करने की हिम्मत दिखाई है, उन घटनाओं का हिसाब नहीं है जिसमें महिलाएं वारदात का शिकार होकर चुप रही हैं। 1357 अपहरण और 1248 के साथ बलात्कार हुए हैं।

2023

हत्या - हत्या का प्रयास - छेड़खानी- अपहरण - बलात्कार

15- 14 - 243 - 215 - 195

*पुलिस रिकॉर्ड में ये आंकड़े अगस्त 2023 तक के हैं

2022: हत्या - हत्या का प्रयास - छेड़खानी - अपहरण - बलात्कार
14 - 19 - 322 - 246 - 261

2021: हत्या - हत्या का प्रयास - छेड़खानी - अपहरण - बलात्कार
22 - 18 - 378 - 249 - 239

2020: हत्या हत्याका प्रयास छेडखानी अपहरण बलात्कार
16 - 08 - 374 - 187 - 181

2019: हत्या हत्याका प्रयास छेडखानी अपहरण बलात्कार
13 - 07 - 420 - 248 - 189

2018: हत्या हत्याका प्रयास छेडखानी अपहरण बलात्कार
17 - 10 - 374 - 212 - 183

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