MP News: राजस्थान से भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गैंग को पकड़ा है। जो कि कार के अंदर टेस्ट करके बता देते थे पेट में बच्चा है या बच्ची है।
MP News: भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को राजस्थान के धौलपुर से एक गैंग को पकड़ा है। इस ऑपरेशन को ग्वालियर और मुरैना स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर अंजाम दिया। आरोपी डॉक्टर ने कार को लैब बना रखा था। उसमें छोटी अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण परीक्षण करता था। डा. तिवारी को पकड़ कर टीम ने उसकी कार और अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.सचिन श्रीवास्तव ने बताया, डॉ पंकज तिवारी पर ग्वालियर में 6 साल पहले पीसी पीएनडीटी एक्ट का केस दर्ज हुआ था। कानूनी शिकंजे में फंसने का पता चलने पर डॉ तिवारी फरार हो गया। लंबे समय तक अंडरग्राउंड रहा। कुछ दिनों से उसकी लोकेशन धौलपुर में मिल रही थी। उसमें पता चला था कि डा. पंकज तिवारी ने लग्जरी कार में अल्ट्रासाउंड मशीन और जरूरी उपकरण लगवाए हैं। वह चलते फिरते भ्रूण परीक्षण करता है।
डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी डॉ पंकज को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ग्वालियर और मुरैना के स्वास्थ्य विभाग के लोगों की टीम ने धौलपुर जाकर डॉक्टर पंकज तिवारी का स्टिंग ऑपरेशन करते हुए पकड़ लिया। उसकी कार के अंदर से अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त किया गया है। मुरैना में उसके खिलाफ पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है।
डा.श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपी डा.पंकज को रंगे हाथ पकडऩे के लिए ग्वालियर और मुरैना के स्वास्थ्य विभाग के लोगों की टीम ने धौलपुर जाकर डा. पंकज तिवारी का स्टिंग ऑपरेशन कर उसे दबोचा। उसकी कार और उसमें रखी अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त किया। मुरैना में उसके खिलाफ पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है।