
शहर में नगर निगम द्वारा १.४ लाख बिल जारी किए जाते हैं लेकिन इसमें से ४० हजार के आसपास ही लोग बिल जमा करते हैं। फरवरी में नगर निगम ने जो बिल जारी किए वह एक साथ ६ महीने के थे जिसके चलते 450 के बजाए बिल की राशि 900 रुपए थी। बिल भरने की आखिरी तारीख १० मार्च निर्धारित की गई थी लेकिन तीन महीने का अतिरिक्त बिल होने के कारण नगर निगम ने आखिरी तारीख १० मार्च को बढ़ाकर २८ मार्च करने का प्रस्ताव तैयार कर निगमायुक्त को भेज दिया है। सोमवार को इसको लेकर आदेश जारी हो सकते हैं।
बिल देखकर अचरज में पड़े लोग
नगर निगम ने फरवरी में जो बिल जारी किए वह ६ महीने के थे और बिल की राशि ९०० रुपए थी। गणना के लिए निगम ने बिल में ३०० रुपए प्रति महीने की राशि दर्शाई थी जिसे देखकर लोग अचरज में पड़ गए और उन्हे लगा कि बिल की राशि निगम ने हर महीने १५० से बढ़ाकर ३०० कर दी है। इसको लेकर लोगों ने पीएचई दफ्तर के चक्कर भी लगाए। लेकिन बाद में पता चला कि बिल ३ के बजाए ६ महीने का जारी किया गया है।
13.5करोड़ वसूली
नगर निगम पानी के बिल वसूली का जो टारगेट है उसमें काफी पीछे चल रहा है। निगम को २५ करोड़ रुपए वित्तीय वर्ष २०१९-२० में वसूल करना है लेकिन अभी तक १३.५ करोड़ ही जमा हो पाए हैं।
बिल के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। आखिरी तारीख १० से बढ़ाकर २८ मार्च करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएग।
देवेन्द्र चौहान, उपायुक्त नगर निगम
Published on:
08 Mar 2020 09:19 pm
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