
ग्वालियर। हिंदू महासभा के दौलत गंज कार्यालय में स्थापित की गई नाथूराम गोडसे की मूर्ति को प्रशासन ने हटा दिया है। हिंदू महासभा कार्यालय में स्थापित मूर्ति को कमरे का ताला तोड़कर पुलिस ने हटा दिया है। एडीएम शिवराज वर्मा, तहसीलदार, थाना प्रभारी दौलतगंज के नेृतत्व में कार्रवाही को अंजाम दिया गया है। बुधवार 15नबंवर को हिमस के कार्यालय में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाकर प्रतिमा का लोकापर्ण किया गया था। जिसका पुरे देश में कई पार्टियों ने विरोध किया था।
कार्रवाई के दौरान नहीं दिखे हिमस कार्यकर्ता
पुलिस ने कमरे के ताला तोड़कर मीडिया के सामने नाथूराम गोडसे की मूर्ति को पहले कपड़े से ढंका उसके बाद उसे पॉलीथीन के कवर करके। कमरे से बाहर लाए व कार्यालय से बाहर लाकर पुलिस मोबाइल वैन में रखकर सुरक्षा के बीच लेकर निकल गए। इस दौरान हिमस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज व अन्य लोगोंं के अलावा बाकि के सभी कार्यकर्ता नदारद नजर आए। पुलिस ने मौके पर पुरी व्यवस्था करते हुए स्थिति को संभालने की पुरी तैयारियां कर ली थी। पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्था देख रहे थे।
वकीलों ने पूछा तो बोले....70 साल से थी गांधीवादी सरकार इसलिए नहीं बन गोडसे की मूर्ति
वकीलों के एक ग्रुप ने हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं से जब गोडसे(हत्यारा) की मूर्ति को अभी तक न लगाऐ जाने पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी तक केंद्र में गांधीवादी सरकार थी जिसकी वजह से हम मूर्ति की स्थापना नहीं कर पाए थे। जब वकीलों ने कहा कि अब गांधीवादी सरकार नहीं है तो कार्यकर्ताओं ने बात बदल ली....
कार्यकर्ताओं का लगा जमावड़ा
हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं का कार्यालय के बाहर जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। साथ ही मूर्ति स्थापना के बाद से ही कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। यहां बीजेपी नेताओं के गोडसे विवाद पर चुप्पी साध जाने के कारण राजनैतिक गलियारे में हलचल बढ़ गई है। आप पार्टी के लोगों ने भी सोमवार को रैली निकाल कर महात्मा गांधी का अपना बताते हुए गोडसे की मूर्ति को हटाने की मांग की है।
Published on:
21 Nov 2017 05:28 pm

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