- चैंबर ऑफ कॉमर्स के 118वा स्थापना दिवस समारोह पर हुए कार्यक्रम
ग्वालियर. मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के 118वे स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में शुक्रवार को दो कार्यक्रम हुए। पहला कार्यक्रम सौर ऊर्जा-शासन की योजना एवं हमारा योगदान विषय पर सेमिनार और दूसरा कार्यक्रम महिला उद्यमिता सम्मेलन का था। सौर ऊर्जा-शासन की योजना एवं हमारा योगदान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद विवेक नारायण शेजवलकर और महिला उद्यमिता सम्मेलन में मुख्य अतिथि महापौर डॉ.शोभा सिकरवार मौजूद थीं।
1.50 लाख के खर्च में लगवा सकते हैं 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम
कार्यक्रम में मुख्य अभियंता, सौर ऊर्जा विकास निगम श्रीकांत देशमुख ने बताया कि सौर ऊर्जा से विद्युत की बचत तो है ही वातावरण को भी इससे लाभ पहुंचता है। घरेलू सोलर सिस्टम लगाने पर 3 किलोवाट तक का प्लांट लगाने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। वहीं 3 से 10 किलोवाट तक के प्लांट पर 20 प्रतिशत सब्सिडी भारत सरकार देती है। वहीं रेजीडेंसियल वेलफेयर सोसायटी के लिए यह सब्सिडी 30 प्रतिशत दी जाती है। सोलर सिस्टम अब मार्केट का उत्पाद हो गया है। उप मुख्य महाप्रबंधक, बिजली कंपनी भोपाल दीप्ति मिश्रा ने कहा कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं का बिल अभी 8 से 10 हजार तक आता है, वह सौर ऊर्जा के जरिए एक हजार रुपए तक रह सकता है। 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर 1.50 लाख रूपए तक का खर्च आता है। 1 किलोवाट सिस्टम के लिए छत पर 100 वर्गफीट जगह की आवश्यकता पड़ती है, जबकि नए सोलर पैनल 50 वर्गफीट में ही स्थापित हो जाते हैं। मुख्य अतिथि सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी की ओर से सोलर सिस्टम का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से अन्य चार्ज भी लिये जाते हैं जो कि नहीं लिये जाने चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि उपभोक्ता के यहां लगा सोलर सिस्टम 500 यूनिट विद्युत उत्पादित करता है और उपभोक्ता द्बारा 500 यूनिट ही खपत की जाती है तो उपभोक्ता का बिल शून्य आना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं होता है। कार्यक्रम में ग्वालियर सर्किल बिजली कंपनी के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक भी मौजूद थे।
उद्यम स्थापित करने से गरीब महिलाओं को मिलेगा रोजगार
चैंबर में हुए महिला उद्यमिता सम्मेलन में मुख्य अतिथि महापौर समीक्षा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं कोई भी उद्यम स्थापित करती है, तो उसमें गरीब महिलाओं को रोजगार मिलेगा, इससे उनके परिवार का भरण-पोषण होगा। एमएसएमई के सहायक निदेशक राजीव कुमार ने मंत्रालय की योजनाओं दो करोड़ तक कोलेट्रल सिक्योरिटी नहीं योजना, 15त्न तक मशीनों पर छूट योजना (सीएलसीएसएस), विश्व व्यापार मेले में 3.5 लाख की छूट सब्सीडाई योजना आदि की जानकारी दी। डीआइसी के सहायक प्रबंधक आनन्द शर्मा ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मप्र एमएसएमइ प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री योजना आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए उन्हें स्वयं का उद्योग, व्यवसाय उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाना है। इस वर्ष सरकार ने 2400 उद्योग का लक्ष्य दिया है, इसमें कोई भी आवेदन कर सकता है। सभी योजनाएं ऑनलाइन हैं।
नवीन सचिवालय के बाहर छज्जा गिरा
दोपहर के समय जब चैंबर ऑफ कॉमर्स में कार्यक्रम चल रहा था उसी समय चैंबर में बने नवीन सचिवालय के बाहर का छज्जा भरभराकर गिर गया। इसमें लगी पटिया भी गिर गई, गनीमत यह रही कि उस समय इसके नीचे कोई मौजूद नहीं था। हालांकि बाद में इसे छुपाने के लिए यहां टेंट लगा दिया गया। नवीन सचिवालय 17 अक्टूबर 2020 को पिछली कार्यकारिणी की ओर से किया गया था।
ये रहे मौजूद
चैंबर ऑफ कॉमर्स में हुए कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ.प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष हेमन्त गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ.राकेश अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव पवन कुमार अग्रवाल, अलका श्रीवास्तव, सतीश कुमार जैन आदि मौजूद रहे।