
अनदेखी : पर्यटन विभाग के वार्षिक उत्सवों की सूची से गायब मांडू उत्सव
धार. मालवा के बड़े टूरिस्ट पाइंट में शुमार मांडू को देश-विदेश में पहचान दिलवाने के लिए हर साल मांडू उत्सव का आयोजन होता आया है। मांडू में पर्यटन के लिए सबसे अनुकूल मौसम सर्दियों में रहता है। इस दौरान मांडू उत्सव का आयोजन होता है, लेकिन हर साल मांडू उत्सव के आयोजन के लिए सरकार पर ही निर्भरता रहती है। पर्यटन विभाग के वार्षिक कार्यक्रम के कैलेंडर में मांडू उत्सव शामिल नहीं है। यही वजह है कि मांडू उत्सव के आयोजन को लेकर इस बार भी अब तक न तो कोई तैयारियां है और न कोई कोई कार्ययोजना है।
विध्यांचल पहाड़ी पर बसी पर्यटन नगरी मांडू की पहचान ऐतिहासिक महलों से होती है। रानी रूपमती महल, जहाज महल, ङ्क्षहडौला महल, जामा मस्जिद जैसे विश्व विख्यात इमारतें मांडू में है। काकड़ा खो, तारापुर गेट, नीलकंठ जैसे स्पॉट और प्राकृतिक सौंदर्य मांडू को अलग पहचान दिलाती है। यही कारण है कि मांडू मप्र में ही नहीं बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों की पसंद रहता है। कोरोना के बाद पर्यटकों का ग्राफ मांडू में बढ़ा है। इस साल अब तक मांडू में 3 लाख 43 हजार 556 देशी पर्यटक मांडू पहुंचे हैं जबकि 88 विदेशी पर्यटक भी मांडू आए हैं। दिसंबर की सर्दियों का सीजन ही बचा हुआ है।
पर्यटकों को मांडू की विविधताओं से लोगों को परिचित कराने के लिए एडवेंचर स्पोट््र्स का भी आयोजन होता है। इनमें पैरासैङ्क्षलग, पैरामोटर, रॉक क्लाइंङ्क्षबग, रैपङ्क्षलग, बनाना राइड, कयाकइंग, रोङ्क्षवग होते हंै।
उत्सव को लेकर अब तक नहीं बना कोई प्लान
मांडू उत्सव को लेकर अब तक कोई कार्यक्रम या प्लान नहीं आया है। मांडू में दिसंबर-जनवरी में उत्सव का आयोजन होता है। इससे मांडू की अर्थव्यवस्था को काफी हद तक बूस्ट मिलता है। होटल-रेस्टोरेंट और टूरिस्ट से जुड़ी मांडू के मार्केट को मांडू उत्सव से संजीवनी मिलती है। वहीं मांडू उत्सव से मालवा-निमाड़ के लोगों का सीधा जुड़ाव रहता है। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। खासतौर पर इंदौर सहित आसपास के लोगों को मांडू उत्सव का बेसब्री से इंतजार रहता है। दिसंबर अंत में ही मांडू उत्सव का फायदा मिलता है। मौसम अनुकूल होने से पर्यटकों की आमद बढ़ती है।
फरवरी में हो चुका है फ्लॉप शो
कोरोना के बाद मांडू उत्सव एक बार सीजन से हटकर फरवरी में आयोजन करवाया गया था, जो फ्लॉप साबित हुआ था। यह आयोजन 13 से 15 फरवरी 2021 को हुआ था। सर्दियां खत्म होने की कगार पर होने और मांडू में गर्मियों की दस्तक की वजह से आयोजन में पर्यटकों की मौजूदगी अपेक्षा अनुरूप नहीं मिल पाई थी।
इनका कहना
& आयोजन संस्कृति विभाग ही करवाता है। इसमें अभी क्या प्रक्रिया चल रही है, दिखवा लेता हूं।
प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर, धार
& मांडू उत्सव वार्षिक कैलेंडर
में शामिल होना है। तारीख तय नहीं है। मांडू उत्सव को लेकर प्रक्रिया की जा रही है। इसके टेंडर लगाए जा रहे हैं।
एस विश्वनाथन, एमडी, एमपी टूरिज्म, भोपाल
खास-खास
61 इमारतें एएसआई
के अधीन।
17 इमारतें राज्य संरक्षित।
3.45 लाख देशी पर्यटकों की आमद।
02 हजार विदेशी पर्यटक आते थे कोरोना से पहले।
Published on:
20 Nov 2022 01:11 am

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