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कोरोनावायरस का कहर : 75 वर्ष पुराने मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद

चंबल संभाग में कोरोनावायरस का कहर से बढ़ी लोगों की टेंशन

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कोरोनावायरस का कहर : 75 वर्ष पुराने मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद

कोरोनावायरस का कहर : 75 वर्ष पुराने मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद

ग्वालियर। नगर के हजारों लोगों की आस्था व विश्वास का केन्द्र मां शीतला माता का मंदिर जहां पर माता की स्थापना के 75 साल बाद पहली बार कोरोना वायरस के चलते ताला दिखाई दिया। ताकि माता के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ इक_ा न हो सके। बताया गया है कि 75 साल पहले नगर में फैली महामारी शीतला माता की स्थापना होते ही समाप्त हो गई थी। प्रशासन के आदेश पर शीतला माता मंदिर पर ताला डाल दिया गया है। ताकि बाहरी व्यक्तियों की भीड़ माता के मंदिर पर एकत्रित न हो सके और नोबल कोरोना जैसी बीमारी से बचा जा सके।

नगर के शीतला बाजार में स्थित मां शीतला माता मंदिर पर कोरोना वायरस के चलते ताला डाल दिया गया है। ऐसा 75 साल में पहली बार हुआ है। जब शीतला माता मंदिर पर ताला पड़ा हो। जबकि मां शीतला माता महामारी को भगाती है। ऐसी मान्यता है कि मां शीतला माता की इस नगरी में महामारी प्रवेश ही नही कर सकती क्योंकि 75 साल पहले नगर में भयंकर महामारी फैली हुई थी और उसी समय राजाशाही खाई की खुदाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के मीर अज्जू अली खां को शीतला माता की मूर्ति मिली थी। माता की मूर्ति को मंदिर में स्थापित करते ही महामारी खत्म हो गई थी। तभी से शीतला माता यहां के हजारों लोगों की धार्मिक आस्था का केन्द्र बनी हुई है।