
हथियार तस्करी के मामले में बुरे फंसे लालू प्रसाद यादव.
MP News: एमपी एमएलए कोर्ट ने 27 साल पुराने हथियार तस्करी के मामले में चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है क्योंकि पुलिस ने आरोपियों से जो कारतूस व हथियार जब्त करना बताया था, उन्हें न्यायालय में पेश नहीं कर पाए। जो माल पेश किया गया, उसकी जब्ती से गवाह ने ही इनकार कर दिया। पुलिस ने हथियार की खरीद कूटरचित दस्तावेज से बताई, लेकिन इसको साबित नहीं कर पाई। इसके चलते केस संदिग्ध हो गया। अभी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित 13 आरोपियों के स्थायी गिरफ्तारी वारंट होने की वजह से साक्ष्य सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
राजकुमार शर्मा ने फर्म का 16 नंबर फार्म बनाकर हथियार व कारतूस खरीदे थे। जिन्हें शर्मा ने 23 अगस्त 1995 से 15 मई 1997 के बीच बिहार में जाकर बेचा था। इंदरगंज थाना पुलिस के पास मामला पहुंचा तो धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने 1999 में इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
2010 से इस मामले में विचारण शुरू हुआ, जो अभी तक चल रहा है। इसमें कोर्ट ने राजकुमार शर्मा, रविकांत लाले, मुन्ना कनौडिया, सुनील कुमार के खिलाफ अभियोजन साक्ष्य पूरा होने पर अपना फैसला सुना दिया। चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
पुलिस ने 23 आरोपी बनाए, जिसमें बिहार के लालू प्रसाद यादव का नाम दिया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पिता का नाम कुंदन राय है। जबकि पुलिस के रिकॉर्ड में जो लालू प्रसाद यादव का नाम दर्ज है, उनके पिता नाम कुंद्रिका सिंह है।
यह मामला न्यायालय के सामने आया को लालू प्रसाद यादव का नाम देखने के बाद केस एमपी एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। 23 आरोपियों में 14 फरार चल रहे हैं। दो की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने 13 आरोपियों का स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
Published on:
29 Dec 2024 10:57 am

बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
