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प्रदेश में डीएनए टेस्ट के लिए तीसरी लैब तैयार करने की कवायद शुरू

डीएनए के लिए बंद होगी पुलिस की भागदौड़

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DNA lab work has been started. Soon

प्रदेश में डीएनए टेस्ट के लिए तीसरी लैब तैयार करने की कवायद शुरू

ग्वालियर। प्रदेश में डीएनए टेस्ट के लिए तीसरी लैब तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। ग्वालियर की रीजनल फोरेंसिक प्रयोगशाला में इसे बनाया जाएगा। फिलहाल इमारत के 4 कमरों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। जिले में डीएनए जांच की शुरूआत संगीन अपराधों की विवेचना में पुलिस के लिए मददगार साबित होगी।
चश्मदीद- फोरेसिंक विभाग की टीम
इंदौर के बाद अब जिले में डीएनए लैब की शुरू करने की तैयारी हे। पुलिस मुख्यालय का प्लान ४ महीने में प्रदेश की दूसरी डीएनए लैब को चालू करना है। इसलिए लैब का काम शुरू हो गया है। रीजनल फोरेंसिक प्रयोगशाला की इमारत में लैब के लिए जगह तय कर उसमें निर्माण कार्य शुरू किया गया है। लैब स्टाफ के मुताबिक इसके लिए लैब के चार कमरों को तैयार किया जा रहा है। उसके बाद डीएनए टेस्टिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की खरीद होगी। इन्हें पुलिस मुख्यालय खरीदेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी जल्द होगी। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है। लैब के शुरू होने से संगीन अपराधों की इंवेस्टीगेशन आसान होगी जिनमें डीएनए टेस्ट जरूरी होता है। अभी तक जांच के लिए पुलिस को सागर लैब के भरोसे रहना पड़ता था। इस लैब में प्रदेश भर से डीएनए टेस्ट के सैंपल आते हैं। इसलिए जांच और उसकी रिपोर्ट हासिल करने में लंबा इंतजार करना पड़ता था। जिले में डीएनए लैब शुरू होगी तो मैनपावर, वक्त के अलावा पैसा भी बचेगा।
हिस्ट््रीशीट
फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक डीएनए लैब की शुरूआत से हत्या, बलात्कार के अलावा पाक्सो एक्ट के अपराधों की विवेचना में पुलिस का मदद मिलेगी। अभी तक जांच रिपोर्ट मिलने में देरी की वजह से इस तरह के केस जिनमें डीएनए टेस्ट जरूरी होता है की इंवेस्टीगेशन बिना वजह अटकी रहती है।
क्राइम ट््िरगर
पुलिस रेकार्ड में ऐसे कई केस है जिनकी विवेचना में डीएनए टेस्ट को जरूरी माना गया। लेकिन रिपोर्ट आने में देरी की वजह से इन अपराधों में शामिल अपराधियों को अंजाम तक पहुंचाने में वक्त लगा। अगर रिपोर्ट जल्द और वक्त पर आती पीडि़त को इंसाफ के लिए इंतजार नही करना पड़ता।
सिटी रिएक्ट
रिटायर्ड सीएसपी दीपक भार्गव का कहना है संगीन अपराधों में अक्सर डीएनए जांच विवेचना का अहम हिस्सा होती है। जिले में डीएनए लैब की जरूरत है। इससे इंवेस्टीगेशन आसान होगी। पुलिस का समय और मैनपॉवर भी बचेगा।
इनका कहना है
डीएनए लैब का काम शुरू किया गया है। जल्द ही जिले में भी डीएनए लैब की शुरूआत होगी।
अखिलेश भार्गव संयुक्त निदेशक रीजनल फोरेंसिक लैब ग्वालियर
एडीजी ने लिया लैब का जायजा
अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजी जीपी सिंह रविवार को रीजनल फोरेंसिक लैब पहुंचकर वहां बनने वाली डीएनए लैब की स्थिति का जायजा लिया। लैब अधिकारियों ने उन्हें बताया प्रयोगशाला के तीन कमरों में तो लैब के उपकरण और फर्नीचर आएगा। लेकिन यहां इतनी जगह नहीं है जिसमें स्टाफ को शिफ्ट किया जाए। स्थिति देखकर अफसरों ने तय किया लैब तो यहां रहेगी स्टाफ को बैठने के लिए पुलिसकंट््रोल रूम में एक कमरा दिया जाएगा। वहां टीम रहेगी। एडीजी सिंह ने लैब के निचले तल से लेकर छत का निरीक्षण किया। इस दौरान एसएसपी अमित सांघी, रीजनल लैब के प्रभारी अखिलेश भार्गव मौजूद रहे।